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Muzaffarnagar News: छह साल की मासूम से दरिंदगी के दोषी को आजीवन कारावास
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मुजफ्फरनगर। छपार थाना क्षेत्र में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(एम) 6 के मामले में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। छह साल की बच्ची के साथ घिनौनी हरकत के मामले में फैसला आया। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार सिद्धू ने दोषी को वारदात के सिर्फ 181 दिन बाद सजा सुनाई।
वारदात इसी साल 19 अप्रैल को हुई और अगले दिन प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वादी ने पुलिस को बताया था कि छह साल की मासूम गांव में परचून की दुकान में खाने का सामान लेने गई थी। रास्ते में पड़ोस का ही आरोपी उसे बहलाकर अपने साथ जंगल में ले गया और घिनौनी हरकत की।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में हुई। अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप बालियान और दिनेश शर्मा ने बताया कि अदालत ने शनिवार को दोषी को सजा सुनाई।
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बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(एम) 6 के मामले में शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। बीएनएस की धारा 137 (2) में पांच साल का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
अर्थदंड की धनराशि 25 हजार रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिकर दी जाएगी। एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि प्रकरण में पुलिस ने अदालत में पैरवी की। साक्ष्य कराने में जहां भी जरूरी हुआ सहयोग कराया गया।
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वारदात इसी साल 19 अप्रैल को हुई और अगले दिन प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वादी ने पुलिस को बताया था कि छह साल की मासूम गांव में परचून की दुकान में खाने का सामान लेने गई थी। रास्ते में पड़ोस का ही आरोपी उसे बहलाकर अपने साथ जंगल में ले गया और घिनौनी हरकत की।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में हुई। अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप बालियान और दिनेश शर्मा ने बताया कि अदालत ने शनिवार को दोषी को सजा सुनाई।
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बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(एम) 6 के मामले में शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। बीएनएस की धारा 137 (2) में पांच साल का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
अर्थदंड की धनराशि 25 हजार रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिकर दी जाएगी। एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि प्रकरण में पुलिस ने अदालत में पैरवी की। साक्ष्य कराने में जहां भी जरूरी हुआ सहयोग कराया गया।