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हड़ताल से बैंकों और एटीएम पर लटके ताले
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 01 Mar 2017 12:19 AM IST
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हड़ताल के कारण बंद पड़ा स्टेट बैंक।
- फोटो : अमर उजाला
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विभिन्न मांगों को लेकर बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। जिसके कारण बैंकों में तालाबंदी रही और एटीएम पर भी ताले लटके रहे। जिससे नागरिकों को रुपयों के लेनदेन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंकों के बंद रहने से शहर में करोड़ों का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले मंगलवार को जनपद के सभी सरकारी बैंक कर्मी हड़ताल रहे। मंगलवार को बैंकों में कामकाज बंद रखा गया। यूनियन की मांग है कि केंद्र सरकार बैंकों के प्राइवेटेशन को बंद करे। जबकि नोटबंदी के दौरान किए गए कार्य का कर्मचारियों को मुआवजा और सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग की जाए।
इसके अलावा भी लोन, ग्रेच्युटी संबंधित कई समस्याओं को लेकर बैंक कर्मियों ने हड़ताल रखी। हड़ताल में स्टेट ग्रामीण बैंक ऑफ आफिसर्स फेडरेशन के कर्मचारियों ने भी समर्थन रखा। ग्रामीण स्तर पर भी बैंकों में तालाबंदी रही। बैंक बंद रहने से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ। उधर, शहर के एटीएम पर भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। कई एटीएम पर ताले पड़े रहे। जो एटीएम खुले मिले, उनमें पैसा न होने से नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ी।
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दिनभर लोग पैसा निकालने के लिए एटीएम पर चक्कर काटते रहे, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। हड़ताली कर्मचारियों ने एटीएम में कैश नहीं रखा। हड़ताल के बाद बैंक कर्मचारियों ने वित्त मंत्री अरुण जेटली, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक मैनेजर के साथ क्षेत्रीय प्रबंधक को भी ज्ञापन भेजकर मांगों को पूरा करने की मांग की है।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले मंगलवार को जनपद के सभी सरकारी बैंक कर्मी हड़ताल रहे। मंगलवार को बैंकों में कामकाज बंद रखा गया। यूनियन की मांग है कि केंद्र सरकार बैंकों के प्राइवेटेशन को बंद करे। जबकि नोटबंदी के दौरान किए गए कार्य का कर्मचारियों को मुआवजा और सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग की जाए।
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इसके अलावा भी लोन, ग्रेच्युटी संबंधित कई समस्याओं को लेकर बैंक कर्मियों ने हड़ताल रखी। हड़ताल में स्टेट ग्रामीण बैंक ऑफ आफिसर्स फेडरेशन के कर्मचारियों ने भी समर्थन रखा। ग्रामीण स्तर पर भी बैंकों में तालाबंदी रही। बैंक बंद रहने से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ। उधर, शहर के एटीएम पर भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। कई एटीएम पर ताले पड़े रहे। जो एटीएम खुले मिले, उनमें पैसा न होने से नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ी।
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दिनभर लोग पैसा निकालने के लिए एटीएम पर चक्कर काटते रहे, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। हड़ताली कर्मचारियों ने एटीएम में कैश नहीं रखा। हड़ताल के बाद बैंक कर्मचारियों ने वित्त मंत्री अरुण जेटली, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक मैनेजर के साथ क्षेत्रीय प्रबंधक को भी ज्ञापन भेजकर मांगों को पूरा करने की मांग की है।