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बाबा पीर खुशहाल चिल्लागाह बिहारगढ़ में वार्षिक कार्यक्रम
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बिहारगढ़ में चिल्लागाह मजार पर धर्म की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपते सूफी।
- फोटो : KHATAULI
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बाबा पीर खुशहाल चिल्लागाह बिहारगढ़ में वार्षिक कार्यक्रम
मोरना। बाबा पीर खुशहाल चिल्लागाह बिहारगढ़ में आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में कुल शरीफ की दुआ का आयोजन किया गया। देश में अमन-चैन की दुआ कराई गई। वहीं, दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की खुशहाली के लिए पीर खुशहाल बाबा की मजार पर मन्नत मागंते हुए फूलों की मालापोशी की। आयोजकों ने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के बीच आयोजित भंडारे के प्रसाद का वितरण किया।
मोरना से चार किलोमीटर की दूरी पर बाबा पीर खुशहाल ने कई साल रेत के टिल्लों पर कटिली झाड़ियों के बीच एकांतवास में रहकर इबादत की थी. जिन्होंने तीन वर्ष पूर्व दुनिया को अलविदा कह दिया था, लेकिन उनके चाहने वाले मुरीद, श्रद्धालु की आस्था, भाव आज भी जिंदा है। तृतीय उर्स मुबारक के पावन पर्व पर गददी के उत्तराधिकारी सज्जादनशी सूफी जव्वाद अहमद शाह के साथ अनेकों धर्मगुरुओं ने कुल शरीफ कार्यक्रम के दौरान देश में अमन चैन के लिए की दुआ संपन्न कराई। इस मौके पर पूर्व सांसद सईदुज्जमां, पूर्व जिला पंचायत सदस्य हबीब ककरौली, सैय्यद फखदुदीन, अनवर सूफी अजमेर शरीफ, सूफी इकबाल, उस्मान, अल्ताफ, सुलतान, मेसूर सेठ टीपू सुल्तान ट्रस्ट अध्यक्ष मेसूर, इब्राहिम बंगलूरू, हबीब दिल्ली, जावेद अमेरिका, फैसल दुबई, जहीर सूफी लंदन, इब्राहिम श्रीलंका, शुजाअत खान, सूफी दिल्ली, ताजीम इलाही, दिलनवाज, महबूब, रहीस आदि मौजूद रहे। इसके बाद कव्वाल की गजलों पर इबादत करने वाले श्रद्धालुओं ने बाबा पीर खुशहाल मजार के सामने जमकर नृत्य करते हुए उनको याद किया।
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मोरना। बाबा पीर खुशहाल चिल्लागाह बिहारगढ़ में आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में कुल शरीफ की दुआ का आयोजन किया गया। देश में अमन-चैन की दुआ कराई गई। वहीं, दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की खुशहाली के लिए पीर खुशहाल बाबा की मजार पर मन्नत मागंते हुए फूलों की मालापोशी की। आयोजकों ने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के बीच आयोजित भंडारे के प्रसाद का वितरण किया।
मोरना से चार किलोमीटर की दूरी पर बाबा पीर खुशहाल ने कई साल रेत के टिल्लों पर कटिली झाड़ियों के बीच एकांतवास में रहकर इबादत की थी. जिन्होंने तीन वर्ष पूर्व दुनिया को अलविदा कह दिया था, लेकिन उनके चाहने वाले मुरीद, श्रद्धालु की आस्था, भाव आज भी जिंदा है। तृतीय उर्स मुबारक के पावन पर्व पर गददी के उत्तराधिकारी सज्जादनशी सूफी जव्वाद अहमद शाह के साथ अनेकों धर्मगुरुओं ने कुल शरीफ कार्यक्रम के दौरान देश में अमन चैन के लिए की दुआ संपन्न कराई। इस मौके पर पूर्व सांसद सईदुज्जमां, पूर्व जिला पंचायत सदस्य हबीब ककरौली, सैय्यद फखदुदीन, अनवर सूफी अजमेर शरीफ, सूफी इकबाल, उस्मान, अल्ताफ, सुलतान, मेसूर सेठ टीपू सुल्तान ट्रस्ट अध्यक्ष मेसूर, इब्राहिम बंगलूरू, हबीब दिल्ली, जावेद अमेरिका, फैसल दुबई, जहीर सूफी लंदन, इब्राहिम श्रीलंका, शुजाअत खान, सूफी दिल्ली, ताजीम इलाही, दिलनवाज, महबूब, रहीस आदि मौजूद रहे। इसके बाद कव्वाल की गजलों पर इबादत करने वाले श्रद्धालुओं ने बाबा पीर खुशहाल मजार के सामने जमकर नृत्य करते हुए उनको याद किया।
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