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Muzaffarnagar News: देहरादून के लिए खास मुजफ्फरनगर - रामपुर तिराहा कांड में आरोपियों की हाजिरी माफी
Thu, 11 Jan 2024 01:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 11 Jan 2024 01:18 AM IST
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- सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में आज सुनवाई होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की पत्रावली की सुनवाई के दौरान तत्कालीन झिंझाना एसओ एसपी मिश्रा (सेवानिवृत सीओ) समेत अन्य आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हुए। अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि तय की गई है। उधर, सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
एसीजेएम प्रथम मयंक जायसवाल की कोर्ट में सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा की पत्रावली की सुनवाई चल रही है। उत्तराखंड संघर्ष समिति के समन्वयक अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि आरोपियों की ओर से अदालत में हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिय गया है। जिसके चलते अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि तय की गई है।
यह था मामला
एक अक्तूबर 1994 की रात को उत्तराखंड की मांग के लिए आंदोलनकारी देहरादून से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। रात के समय रामपुर तिराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और फायरिंग की, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। महिलाओं के साथ अभद्रता की गई थी। मुजफ्फरनगर के लोगों ने आंदोलनकारियों की मदद की थी। प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश 1995 में हुए थे। अदालत में सुनवाई चल रही है।
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सीबीआई बनाम राजेंद्र की फाइल बंद
रामपुर तिराहा कांड में जीडी (जनरल डायरी) फाड़कर उसके स्थान पर झूठा साक्ष्य गढ़ने के आरोप के मामले में दो अलग-अलग मुकदमों की फाइल बंद कर दी गई है। एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में सीबीआई बनाम राजेंद्र सिंह की फाइल चल रही थी। आरोपी तत्कालीन एसओ राजबीर सिंंह, पुलिसकर्मी प्रीतम सिंह, दाताराम और राजेंद्र सिंह की मौत हो चुकी है। पिछले साल ही सीबीआई ने मृत्यु आख्या अदालत में पेश की थी। इसके बाद दोनों फाइल बंद हो गई हैं।
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मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की पत्रावली की सुनवाई के दौरान तत्कालीन झिंझाना एसओ एसपी मिश्रा (सेवानिवृत सीओ) समेत अन्य आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हुए। अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि तय की गई है। उधर, सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
एसीजेएम प्रथम मयंक जायसवाल की कोर्ट में सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा की पत्रावली की सुनवाई चल रही है। उत्तराखंड संघर्ष समिति के समन्वयक अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि आरोपियों की ओर से अदालत में हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिय गया है। जिसके चलते अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि तय की गई है।
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यह था मामला
एक अक्तूबर 1994 की रात को उत्तराखंड की मांग के लिए आंदोलनकारी देहरादून से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। रात के समय रामपुर तिराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और फायरिंग की, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। महिलाओं के साथ अभद्रता की गई थी। मुजफ्फरनगर के लोगों ने आंदोलनकारियों की मदद की थी। प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश 1995 में हुए थे। अदालत में सुनवाई चल रही है।
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सीबीआई बनाम राजेंद्र की फाइल बंद
रामपुर तिराहा कांड में जीडी (जनरल डायरी) फाड़कर उसके स्थान पर झूठा साक्ष्य गढ़ने के आरोप के मामले में दो अलग-अलग मुकदमों की फाइल बंद कर दी गई है। एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में सीबीआई बनाम राजेंद्र सिंह की फाइल चल रही थी। आरोपी तत्कालीन एसओ राजबीर सिंंह, पुलिसकर्मी प्रीतम सिंह, दाताराम और राजेंद्र सिंह की मौत हो चुकी है। पिछले साल ही सीबीआई ने मृत्यु आख्या अदालत में पेश की थी। इसके बाद दोनों फाइल बंद हो गई हैं।