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Muzaffarnagar News: पानी आते ही मचलने लगी बरसाती नागिन, तीन गांव की फसलें डूबी
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खतौली के गांव जावन में डूबी फसल व गांव तक पहुंचा नदी का पानी
- एसडीएम खतौली ने मौके पर पहुंचकर देखा हाल, कराई जा रही निकासी
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। बरसाती नदी नागिन नदी भी उफनने लगी है। खतौली-मवाना मार्ग पर बने अस्थायी पुल से पानी की निकासी नहीं होने के कारण तीन गांव के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। कहना है कि चारे का संकट खड़ा हो जाएगा। एसडीएम सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और लोक निर्माण विभाग के जेई को निकासी कराने के निर्देश दिए।
नागिन नदी का उद्गम क्षेत्र के गांव अंतवाड़ा से हुआ है। मवाना मार्ग पर नदी का पुल जर्जर अवस्था में होने के कारण गिरा दिया गया था। लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल निर्माण का ठेका भी छोड़ा गया है। कई माह से पुल निर्माण का कोई कार्य नहीं हुआ है।
पीडब्ल्यूडी की ओर से नदी पर अस्थायी पुल बनाया गया है। इस पुल से पानी की निकासी नहीं हो रही है। इस कारण गांव जावन के जंगल में पानी भरने से फसल खराब हो गई है। पानी से गांव खोकनी और पलड़ी के जंगलों में भी पानी भर गया है। एसडीएम ने बताया कि अस्थायी पुल में पाइप डलवाकर पानी की निकासी कराई जा रही है।
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फसल खराब, चारे का भी संकट
ग्रामीण जयप्रकाश का कहना है कि अस्थायी पुल से पानी की निकासी ना के बराबर हो रही है। जिस कारण जंगल में पानी भरने से फसलें खराब हो गई हैं। ग्रामीण यशपाल सिंह का कहना है कि खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में लगे चारे की फसल खराब हो गई है। खेतों में कई फीट पानी है। ग्रामीण ब्रह्मपाल का कहना है कि पानी की निकासी नहीं होने से नदी का पानी गांव तक पहुंच गया है। जंगल में अधिक पानी होने के कारण वह अपने खेतों पर नहीं जा रहे हैं। गन्ने की फसल भी खराब हो गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। बरसाती नदी नागिन नदी भी उफनने लगी है। खतौली-मवाना मार्ग पर बने अस्थायी पुल से पानी की निकासी नहीं होने के कारण तीन गांव के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई। कहना है कि चारे का संकट खड़ा हो जाएगा। एसडीएम सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और लोक निर्माण विभाग के जेई को निकासी कराने के निर्देश दिए।
नागिन नदी का उद्गम क्षेत्र के गांव अंतवाड़ा से हुआ है। मवाना मार्ग पर नदी का पुल जर्जर अवस्था में होने के कारण गिरा दिया गया था। लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल निर्माण का ठेका भी छोड़ा गया है। कई माह से पुल निर्माण का कोई कार्य नहीं हुआ है।
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पीडब्ल्यूडी की ओर से नदी पर अस्थायी पुल बनाया गया है। इस पुल से पानी की निकासी नहीं हो रही है। इस कारण गांव जावन के जंगल में पानी भरने से फसल खराब हो गई है। पानी से गांव खोकनी और पलड़ी के जंगलों में भी पानी भर गया है। एसडीएम ने बताया कि अस्थायी पुल में पाइप डलवाकर पानी की निकासी कराई जा रही है।
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फसल खराब, चारे का भी संकट
ग्रामीण जयप्रकाश का कहना है कि अस्थायी पुल से पानी की निकासी ना के बराबर हो रही है। जिस कारण जंगल में पानी भरने से फसलें खराब हो गई हैं। ग्रामीण यशपाल सिंह का कहना है कि खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में लगे चारे की फसल खराब हो गई है। खेतों में कई फीट पानी है। ग्रामीण ब्रह्मपाल का कहना है कि पानी की निकासी नहीं होने से नदी का पानी गांव तक पहुंच गया है। जंगल में अधिक पानी होने के कारण वह अपने खेतों पर नहीं जा रहे हैं। गन्ने की फसल भी खराब हो गई है।