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Muzaffarnagar News: बुढ़ाना - हृदय गति रुकने से सेना के सूबेदार का निधन
Mon, 20 Nov 2023 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:44 AM IST
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बुढ़ाना के फुगाना गांव में पहुंचा उपेन्द्र मलिक का पार्थिव शरीर ग्रामीणों का उमड़ा सैलाब। स्रो
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
बुढ़ाना। गांव फुगाना निवासी सेना के सूबेदार उपेंद्र मलिक का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उन्होंने जबलपुर के एमएच चिकित्सालय में अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर फुगाना पहुंचा तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। 14 वर्षीय बेटे ध्रुव मलिक उर्फ गौरव ने पिता को मुखाग्नि दी।
गठवाला खाप के गांव फुगाना निवासी सूबेदार उपेंद्र मलिक (47) वर्ष 1995-96 में मेरठ से सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती मध्य प्रदेश के पंचमढ़ी में थी। वे आर्मी की एजुकेशन कोर में सूबेदार के पद पर तैनात थे। दीपावली से 15 दिन पहले वह गांव में आए थे। परिवार के साथ हसी-खुशी से छुट्टी काटकर वे भैयादूज के पर्व पर 14 नवंबर को गांव से मध्य प्रदेश के पंचमढ़ी के लिए रवाना हुए थे। परिवार के मोहित मलिक ने बताया कि 18 नवंबर की रात के समय अपनी पत्नी व बच्चों के साथ में वीडियो काॅल से परिजनों व अन्य साथियों के साथ वार्ता की। कुछ देर बाद अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा। गंभीर अवस्था में उन्हें जबलपुर के एमएच चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। एमएच चिकित्सालय में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव फुगाना में परिवार व गांव में गम की लहर दौड़ गई। दोपहर करीब 11 बजे सूबेदार का पार्थिव शरीर गांव फुगाना पहुंचा। अंतिम दर्शन करने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार शौक में डूब गया। मेरठ से आए सेना के जवानों ने फायर कर उन्हें सलामी दी। गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। बेटे ध्रुव मलिक ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
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दस भाई-बहनों में सबसे छोटे थे उपेंद्र मलिक
भारतीय सेना की एजुकेशन कोर के सूबेदार उपेंद्र मलिक का भरा पूरा परिवार है। परिवार के मोहित मलिक ने बताया कि उनका सात भाई तथा तीन बहनों का परिवार था। दस भाई-बहनों में वे सबसे छोटे थे। वे अपने पीछे अपनी पत्नी सविता, पुत्री अंजली (17), पुत्र ध्रुव मलिक उर्फ गौरव (14) को रोता बिलखता छोड़ गए हैं।
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फोटो समाचार
बुढ़ाना। गांव फुगाना निवासी सेना के सूबेदार उपेंद्र मलिक का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उन्होंने जबलपुर के एमएच चिकित्सालय में अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर फुगाना पहुंचा तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। 14 वर्षीय बेटे ध्रुव मलिक उर्फ गौरव ने पिता को मुखाग्नि दी।
गठवाला खाप के गांव फुगाना निवासी सूबेदार उपेंद्र मलिक (47) वर्ष 1995-96 में मेरठ से सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती मध्य प्रदेश के पंचमढ़ी में थी। वे आर्मी की एजुकेशन कोर में सूबेदार के पद पर तैनात थे। दीपावली से 15 दिन पहले वह गांव में आए थे। परिवार के साथ हसी-खुशी से छुट्टी काटकर वे भैयादूज के पर्व पर 14 नवंबर को गांव से मध्य प्रदेश के पंचमढ़ी के लिए रवाना हुए थे। परिवार के मोहित मलिक ने बताया कि 18 नवंबर की रात के समय अपनी पत्नी व बच्चों के साथ में वीडियो काॅल से परिजनों व अन्य साथियों के साथ वार्ता की। कुछ देर बाद अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा। गंभीर अवस्था में उन्हें जबलपुर के एमएच चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। एमएच चिकित्सालय में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
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घटना की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव फुगाना में परिवार व गांव में गम की लहर दौड़ गई। दोपहर करीब 11 बजे सूबेदार का पार्थिव शरीर गांव फुगाना पहुंचा। अंतिम दर्शन करने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार शौक में डूब गया। मेरठ से आए सेना के जवानों ने फायर कर उन्हें सलामी दी। गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। बेटे ध्रुव मलिक ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
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दस भाई-बहनों में सबसे छोटे थे उपेंद्र मलिक
भारतीय सेना की एजुकेशन कोर के सूबेदार उपेंद्र मलिक का भरा पूरा परिवार है। परिवार के मोहित मलिक ने बताया कि उनका सात भाई तथा तीन बहनों का परिवार था। दस भाई-बहनों में वे सबसे छोटे थे। वे अपने पीछे अपनी पत्नी सविता, पुत्री अंजली (17), पुत्र ध्रुव मलिक उर्फ गौरव (14) को रोता बिलखता छोड़ गए हैं।