{"_id":"603fd9a98ebc3e76a253da8f","slug":"armaan-scramble-of-veterans-in-thakur-dominated-villages-muzaffarnagar-news-mrt528189664","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठाकुर बहुल गांवों में दिग्गजों के अरमान धराशाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठाकुर बहुल गांवों में दिग्गजों के अरमान धराशाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठाकुर बहुल गांवों में दिग्गजों के अरमान धराशाई
चरथावल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए घोषित आरक्षण से कई दिग्गजों के अरमान धराशाई हो गए हैं। पहली बार कई ठाकुर और मुस्लिम बहुल गांवों को अनुसूचित श्रेणी में आरक्षित कर दिया गया।
चरथावल ब्लॉक के 59 ग्राम पंचायतों में आरक्षण घोषणा से मंथन शुरू हो गया है। हालांकि लोग जानते हैं कि आपत्ति के बाद परिवर्तन कम ही हो पाता है। चक्रानुक्रम आरक्षण साल भर से प्रधान बनने की तैयारी करने वालों को जोर का झटका दे गया। ठाकुर बहुल दूधली अनुसूचित जाति महिला में आने से निवर्तमान रविंद्र प्रधान की हैट्रिक पर विराम लग गया। वहीं, रोनी हरजीपुर, पीपलशाह, मंगनपुर को अनुसूचित, बलवाखेड़ी, भमेला, कल्लरपुर को पिछड़ा वर्ग महिला, कछौली और बाढ़ को पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया। इन गांवों के लंबरदारों को वफादार प्रत्याशियों पर भरोसा करना होगा। वहीं, मुस्लिम बहुल गांवों में कुल्हेड़ी, सैदपुर कलां, कुटेसरा, कयामपुर को अनुसूचित श्रेणी में रखा गया। इन गांवों में मुस्लिमों की भारी तादात चुनाव में ताल ठोकने को तैयार थी। वहीं, निरधना, चरथावल देहात और दधेडू खुर्द मुस्लिम बहुल है। इनमें पिछड़ा वर्ग का प्रत्याशी ही खड़ा हो पाएगा। जेल में बंद पूर्व प्रधान मीनू त्यागी के गांव पावटी को पिछडे़ वर्ग में है। यहां त्यागी जाति को निराशा हाथ लगी है।
जिला पंचायत के आरक्षण ने दी राहत
चरथावल। ब्लॉक में वार्ड 12 वार्ड में कई की उम्मीदों पर पानी फिर गया। यह वार्ड पिछड़ा वर्ग महिला में आया है। लुहारी के मूसा को पुत्र के स्थान पर महिला को लड़ाना पड़ सकता है। वार्ड 11, 13 और 14 अनारक्षित है। वार्ड 15 में सामान्य महिला के रिजर्व किया है। उधर, ब्लॉक प्रमुख का पद भी अनारक्षित है। इस बार भी यहां बाहरी चेहरे के चुनाव में उतरने की उम्मीद है। हालांकि भाजपा किस पर विश्वास जताती है, इसी पर लोगों की उम्मीदें टिकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चरथावल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए घोषित आरक्षण से कई दिग्गजों के अरमान धराशाई हो गए हैं। पहली बार कई ठाकुर और मुस्लिम बहुल गांवों को अनुसूचित श्रेणी में आरक्षित कर दिया गया।
चरथावल ब्लॉक के 59 ग्राम पंचायतों में आरक्षण घोषणा से मंथन शुरू हो गया है। हालांकि लोग जानते हैं कि आपत्ति के बाद परिवर्तन कम ही हो पाता है। चक्रानुक्रम आरक्षण साल भर से प्रधान बनने की तैयारी करने वालों को जोर का झटका दे गया। ठाकुर बहुल दूधली अनुसूचित जाति महिला में आने से निवर्तमान रविंद्र प्रधान की हैट्रिक पर विराम लग गया। वहीं, रोनी हरजीपुर, पीपलशाह, मंगनपुर को अनुसूचित, बलवाखेड़ी, भमेला, कल्लरपुर को पिछड़ा वर्ग महिला, कछौली और बाढ़ को पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया। इन गांवों के लंबरदारों को वफादार प्रत्याशियों पर भरोसा करना होगा। वहीं, मुस्लिम बहुल गांवों में कुल्हेड़ी, सैदपुर कलां, कुटेसरा, कयामपुर को अनुसूचित श्रेणी में रखा गया। इन गांवों में मुस्लिमों की भारी तादात चुनाव में ताल ठोकने को तैयार थी। वहीं, निरधना, चरथावल देहात और दधेडू खुर्द मुस्लिम बहुल है। इनमें पिछड़ा वर्ग का प्रत्याशी ही खड़ा हो पाएगा। जेल में बंद पूर्व प्रधान मीनू त्यागी के गांव पावटी को पिछडे़ वर्ग में है। यहां त्यागी जाति को निराशा हाथ लगी है।
विज्ञापन
जिला पंचायत के आरक्षण ने दी राहत
चरथावल। ब्लॉक में वार्ड 12 वार्ड में कई की उम्मीदों पर पानी फिर गया। यह वार्ड पिछड़ा वर्ग महिला में आया है। लुहारी के मूसा को पुत्र के स्थान पर महिला को लड़ाना पड़ सकता है। वार्ड 11, 13 और 14 अनारक्षित है। वार्ड 15 में सामान्य महिला के रिजर्व किया है। उधर, ब्लॉक प्रमुख का पद भी अनारक्षित है। इस बार भी यहां बाहरी चेहरे के चुनाव में उतरने की उम्मीद है। हालांकि भाजपा किस पर विश्वास जताती है, इसी पर लोगों की उम्मीदें टिकी है।
विज्ञापन