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बेटियों को निशानेबाजी के गुर सिखा रही अप्सरा
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शामली महिला दिवस से सम्बधित महिलाओ के फोटो कांधला निवासी अप्सरा चौधरी
- फोटो : SHAMLI
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कांधला। मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी अप्सरा चौधरी ने अपनी मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताओं तक हिस्सा लिया और अब बेटियों को निशानेबाजी का निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं।
कस्बे के राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्रा अप्सरा चौधरी पुत्री इकराम मूल रूप से बागपत के गांव नौरोजपुर गुर्जर की रहने वाली हैं। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांधला से एमए गृह विज्ञान से किया। पिता किसान हैं। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान कॉलेज में डॉ. राजपाल सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने निशानेबाजी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक, रजत पदक जीते और राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता।
सितंबर 2012 में चीन में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। पांच वर्ष तक राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रही। वर्तमान में शामली के विजय सिंह पथिक डिग्री कॉलेज कैराना में छात्र-छात्राओं निशानेबाजी का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहीं हैं। प्रशासन और सामाजिक मंचों के साथ ही खेल संगठनों की ओर से उन्हें कई बार सम्मानित किया गया। अप्सरा कहती हैं कि बेटियों के लिए अपार संभावनाएं हैं। वे थोड़ा हौसला और हिम्मत कर आगे बढ़ें तो रास्ते खुलते जाएंगे।
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कस्बे के राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्रा अप्सरा चौधरी पुत्री इकराम मूल रूप से बागपत के गांव नौरोजपुर गुर्जर की रहने वाली हैं। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांधला से एमए गृह विज्ञान से किया। पिता किसान हैं। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान कॉलेज में डॉ. राजपाल सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने निशानेबाजी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक, रजत पदक जीते और राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता।
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सितंबर 2012 में चीन में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। पांच वर्ष तक राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रही। वर्तमान में शामली के विजय सिंह पथिक डिग्री कॉलेज कैराना में छात्र-छात्राओं निशानेबाजी का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहीं हैं। प्रशासन और सामाजिक मंचों के साथ ही खेल संगठनों की ओर से उन्हें कई बार सम्मानित किया गया। अप्सरा कहती हैं कि बेटियों के लिए अपार संभावनाएं हैं। वे थोड़ा हौसला और हिम्मत कर आगे बढ़ें तो रास्ते खुलते जाएंगे।
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