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अनुज हत्याकांड : हत्योपियों की चालों के आगे बेबस हुई खाकी

Fri, 25 Sep 2020 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2020 12:24 AM IST
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Anuj massacre: Khakis helpless in front of murderers
मोरना में मृतक अनुज के पीड़ित परिवार की सुरक्षा में लगे पीएसी जवान। - फोटो : KHATAULI
अनुज हत्याकांड : हत्योपियों की चालों के आगे बेबस हुई खाकी
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मुजफ्फरनगर। पुराने तौर-तरीकों को भुलाकर तकनीक के सहारे क्राइम कंट्रोल की कोशिशें मोरना के दवा विक्रेता हत्याकांड में पुलिस पर भारी पड़ रहीं हैं। पुलिस कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हत्यारोपियों ने मोबाइल सहित उन सभी चीजों से दूरी बना ली है, जिससे पुलिस उन तक पहुंच सके। यही कारण है कि दस टीमें व ड्रोन जैसी तकनीक अपनाने के बावजूद पुलिस हत्यारोपियों की टोह तक नहीं ले पा रही है।
किसी भी वारदात के खुलासे में मुखबिर तंत्र पुलिस का सबसे कारगर हथियार होता है। थोड़े से फीलगुुड संबंधी लालच देकर पुलिस पूर्व समय में इसी मुखबिर तंत्र के सहारे बड़े से बड़े अपराधों का खुलासा करती आई है। पिछले कुछ समय से पुलिस ने मुखबिर तंत्र से दूरी बनाते हुए नवीनतम तकनीकों को अपनाकर अपराधों का खुलासा किया है। इनमें सर्विलांस पुलिस का सबसे कारगर हथियार है, जिसके सहारे पुलिस संदिग्ध आरोपी के मोबाइल का सहारा लेकर घटनाओं का अनावरण करती है। मोरना का दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल हत्याकांड पुलिस की इस कार्यशैली पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।
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दरअसल, अनुज हत्याकांड को अंजाम देने वाले हत्यारोपियों ने पुलिस की कमजोरी का फायदा उठाते हुए उन सभी चीजों से दूरी बना ली है, जिससे पुलिस उन तक पहुंच सके या उनका पीछा कर सके। हत्यारोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके साथ ही वे परिजन व परिचितों से भी किसी तरह का संपर्क नहीं कर रहे हैं और खुद को जंगलों में छिपाकर पूरी तरह पुलिस की नजरों से ओझल हो चुके हैं। वे खुद को पुलिस की हर चाल से वाकिफ हैं, लेकिन पुलिस उनसे दस कदम पीछे ही चल रही है। दस टीमें और ड्रोन होने के बावजूद भरोसेमंद मुखबिर तंत्र के अभाव के चलते फिलहाल पुलिस के पास उनके खुद बाहर आने का इंतजार करने के अलावा कोई अन्य विकल्प ही मौजूद नहीं है।
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एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि हत्यारोपी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। संभवत: वे आसपास क्षेत्र में ही जंगलों में छिपे हुए हों, लेकिन कारगर तंत्र न होने के कारण पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही है। टीमें लगाई गईं हैं और बहुत जल्द वे गिरफ्त में होंगे।
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