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Muzaffarnagar News: अंजलि ने बीमारी को मात दे इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराया नाम
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मुजफ्फरनगर। हौसला हो तो मंजिल दूर नहीं होती। इसी को साबित करती है अंजली गुप्ता उत्तरेजा। उन्होंने डायलेक्सिया बीमारी को हराकर लेखन के मैदान में खुद को साबित किया। 26 साल की अंजलि ने कम उम्र से ही कविताएं लिखना शुरू कर दिया था और अभी तक 500 से अधिक कविताएं लिख चुकी हैं। उन्होंने चार दिन में 99 वीडियो यूट्यूब पर अपलोड कर इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया है।
अंजलि उत्तरेजा शहर के गांधी कॉलोनी की रहने वाली हैं। स्कूली शिक्षा के दौरान उनको नई भाषा को सीखने में दिक्कत हुई। किसी भी भाषा या विषय को लेकर सीखने में अन्य विद्यार्थियों की अपेक्षा उन्हें अधिक समय लगता था। इसके लिए डांट भी खाती थी। उनके शिक्षक सौरभ शर्मा ने इस समस्या को भांपकर उनको गाइड किया और अभ्यास करने की सलाह दी। इसके बाद अंजलि ने किताबों को पढ़ना शुरू किया। इससे उनकी शब्दावली मजबूत होती गई। उनका शब्द भंडार बढ़ता गया तो उसको कविताओं के जरिए बाहर लाना शुरू किया। उन्होंने 11वीं कक्षा से कविताओं को लिखना शुरू किया।
अंजली उत्तरेजा गुप्ता बताती हैं कि सोशल मीडिया के बढ़ते ट्रेंड के चलते उन्होंने अपनी लिखी कविताओं को आवाज देना शुरू किया। उन्होंने चार दिन के अंदर 99 कविताएं रिकार्ड कर यू-ट्यूब पर अपलोड की। एक ही संगीत के साथ इन कविताओं को अपलोड किया गया। कम समय में ज्यादा वीडियो अपलोड करने के लिए इंडिया बुक आफ रिकार्ड में उनका नाम दर्ज किया गया है।
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अंजलि बताती हैं कि उनके पिता नरेश उत्तरेजा ने बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने पर काफी जोर दिया। एसडी डिग्री कॉलेज से बीकॉम और श्रीराम कॉलेज से एमजेएमजी की पढ़ाई की है। वह बताती हैं कि उनकी शादी आनंदपुरी निवासी अक्षय गुप्ता से हुई है और उन्होंने आगे की मंजिल पाने में भरपूर सहयोग किया है।
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अंजलि उत्तरेजा शहर के गांधी कॉलोनी की रहने वाली हैं। स्कूली शिक्षा के दौरान उनको नई भाषा को सीखने में दिक्कत हुई। किसी भी भाषा या विषय को लेकर सीखने में अन्य विद्यार्थियों की अपेक्षा उन्हें अधिक समय लगता था। इसके लिए डांट भी खाती थी। उनके शिक्षक सौरभ शर्मा ने इस समस्या को भांपकर उनको गाइड किया और अभ्यास करने की सलाह दी। इसके बाद अंजलि ने किताबों को पढ़ना शुरू किया। इससे उनकी शब्दावली मजबूत होती गई। उनका शब्द भंडार बढ़ता गया तो उसको कविताओं के जरिए बाहर लाना शुरू किया। उन्होंने 11वीं कक्षा से कविताओं को लिखना शुरू किया।
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अंजली उत्तरेजा गुप्ता बताती हैं कि सोशल मीडिया के बढ़ते ट्रेंड के चलते उन्होंने अपनी लिखी कविताओं को आवाज देना शुरू किया। उन्होंने चार दिन के अंदर 99 कविताएं रिकार्ड कर यू-ट्यूब पर अपलोड की। एक ही संगीत के साथ इन कविताओं को अपलोड किया गया। कम समय में ज्यादा वीडियो अपलोड करने के लिए इंडिया बुक आफ रिकार्ड में उनका नाम दर्ज किया गया है।
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अंजलि बताती हैं कि उनके पिता नरेश उत्तरेजा ने बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने पर काफी जोर दिया। एसडी डिग्री कॉलेज से बीकॉम और श्रीराम कॉलेज से एमजेएमजी की पढ़ाई की है। वह बताती हैं कि उनकी शादी आनंदपुरी निवासी अक्षय गुप्ता से हुई है और उन्होंने आगे की मंजिल पाने में भरपूर सहयोग किया है।