{"_id":"6171a9f96c052b09e4754c5d","slug":"anger-among-farmers-due-to-removal-of-two-sugarcane-purchasing-centers-of-triveni-mill-devband-news-mrt561668610","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्रिवेणी मिल के दो गन्ना क्रय केंद्र हटाने से किसानों में गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्रिवेणी मिल के दो गन्ना क्रय केंद्र हटाने से किसानों में गुस्सा
विज्ञापन
अधिकारियों को ज्ञापन देने जाते गन्ना क्रय केंद्र कटने से नाराज किसान
- फोटो : DEVBAND
देवबंद। गन्ना विभाग द्वारा देवबंद क्षेत्र के दो गन्ना क्रय केंद्रों को त्रिवेणी चीनी मिल से हटाकर गांगनौली और गागलहेड़ी चीनी मिलों को आवंटित करने से किसानों में गुस्सा है। किसानों ने अधिकारियों से हटाए क्रय केंद्रों को पुन: त्रिवेणी चीनी मिल से जोड़ने की मांग की।
बृहस्पतिवार को देवबंद रेलवे रोड पर किसानों की बैठक में किसान शोएब, राव अशफाक, नोमान, भूरा व जोगेंद्र ने कहा कि सीदपुरा व तलहेड़ी रेल द्वितीय के क्रय केंद्रों को त्रिवेणी चीनी से हटाकर गांगनौली व गागलहेड़ी को आवंटित किया। आरोप है कि गन्ना विभाग ने किसानों के हित को नजरअंदाज कर सांठगांठ कर ऐसा किया है। जबकि त्रिवेणी चीनी मिल से जहां उन्हें समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान हो रहा है। वहीं, गागलहेड़ी व गांगनौली चीनी मिलों का भुगतान देरी से होता है। किसानों का कहना है कि देवबंद चीनी मिल गन्ना भुगतान के साथ-साथ विकास कार्यों जैसे गन्ना बीज वितरण, खाद एवं कीटनाशक पर अनुदान भी दिलाती है।
किसान बिजेंद्र, सुमित व प्रीतम ने कहा कि त्रिवेणी चीनी मिल गन्ना भुगतान के मामले में जनपद में अग्रणी रही है। यदि किसानों को गन्ना भुगतान समय से नहीं मिलेगा तो किसान आगामी फसलों की बुआई, बच्चों की पढ़ाई व उनकी शादी कैसे समय पर कर सकेगा। किसानों ने अपनी इस समस्या को डीएम और लखनऊ में गन्ना विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत भेजी है। बैठक के बाद किसानों ने सहारनपुर जाकर पूर्व प्रमुख मुकेश चौधरी को ज्ञापन दिया। इसमें धीर सिंह, संजीव, रवि, नीरज, सुनील, रविंद्र चौधरी, मुकेश चौधरी आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को देवबंद रेलवे रोड पर किसानों की बैठक में किसान शोएब, राव अशफाक, नोमान, भूरा व जोगेंद्र ने कहा कि सीदपुरा व तलहेड़ी रेल द्वितीय के क्रय केंद्रों को त्रिवेणी चीनी से हटाकर गांगनौली व गागलहेड़ी को आवंटित किया। आरोप है कि गन्ना विभाग ने किसानों के हित को नजरअंदाज कर सांठगांठ कर ऐसा किया है। जबकि त्रिवेणी चीनी मिल से जहां उन्हें समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान हो रहा है। वहीं, गागलहेड़ी व गांगनौली चीनी मिलों का भुगतान देरी से होता है। किसानों का कहना है कि देवबंद चीनी मिल गन्ना भुगतान के साथ-साथ विकास कार्यों जैसे गन्ना बीज वितरण, खाद एवं कीटनाशक पर अनुदान भी दिलाती है।
विज्ञापन
किसान बिजेंद्र, सुमित व प्रीतम ने कहा कि त्रिवेणी चीनी मिल गन्ना भुगतान के मामले में जनपद में अग्रणी रही है। यदि किसानों को गन्ना भुगतान समय से नहीं मिलेगा तो किसान आगामी फसलों की बुआई, बच्चों की पढ़ाई व उनकी शादी कैसे समय पर कर सकेगा। किसानों ने अपनी इस समस्या को डीएम और लखनऊ में गन्ना विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत भेजी है। बैठक के बाद किसानों ने सहारनपुर जाकर पूर्व प्रमुख मुकेश चौधरी को ज्ञापन दिया। इसमें धीर सिंह, संजीव, रवि, नीरज, सुनील, रविंद्र चौधरी, मुकेश चौधरी आदि रहे।
विज्ञापन