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मरीज की देखभाल से अनभिज्ञ स्टाफ दौड़ा रहा एंबुलेंस
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मरीज की देखभाल से अनभिज्ञ स्टाफ दौड़ा रहा एंबुलेंस
मुजफ्फरनगर/खतौली। कोरोना संक्रमण के जबरदस्त प्रसार के बीच मरीजों के लिए संजीवनी के समान 108 एंबुलेंस सेवा का स्टाफ मरीजों के स्वास्थ्य रखरखाव से पूरी तरह अनभिज्ञ है। खतौली की महिला मरीज की मौत के मामले में लखनऊ से शुरू हुई जांच में यह खुलासा हुआ है, जिसके बाद महिला के परिजनों ने कार्रवाई की मांग की है।
खतौली के अशोक विहार कॉलोनी में स्थित कोविड एल-वन हॉस्पिटल से तीन दिन पूर्व महिला मरीज को ऑक्सीजन की कमी के चलते जिला अस्पताल रेफर किया गया था। इसके लिए 108 एंबुलेंस को बुलाकर मरीज को उसमें शिफ्ट कर दिया गया था। आरोप है कि बार-बार कहे जाने के बावजूद एंबुलेंस स्टाफ ने महिला की हालत नाजुक होने के बावजूद उसे ऑक्सीजन नहीं लगाई, जिसके चलते मंसूरपुर के पास रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए 108 एंबुलेंस के लखनऊ मुख्यालय ने संबंधित एंबुलेंस में तैनात स्टाफ से फोन पर वार्ता करते हुए एंबुलेंस में मौजूद ऑक्सीजन सिलिंडर में गैस की उपलब्धता और उसके लेवल के बारे में जानकारी मांगी, तो स्टाफ इससे पूरी तरह अनभिज्ञ मिला। लखनऊ मुख्यालय से वार्ता कर रहे अफसर ने यह देख एंबुलेंस स्टाफ की क्लास लेते हुए महिला के पति से कार्रवाई की बाबत पूछा। इस पर पीड़ित परिजनों ने इसे सीधे तौर पर हत्या बताते हुए आरोपी एंबुलेंस स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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‘ये एंबुलेंस तो ऐसे ही चलेंगी, शिकायत कर दो’
खतौली। तीन दिन पूर्व महिला मरीज की मौत के मामले में 108 एंबुलेंस सेवा के मुख्यालय से मामले की जानकारी ले रहे अधिकारी ने एंबुलेंस स्टाफ की लापरवाही पाकर उसके स्थानीय प्रभारी से बात की तो उन्होंने उल्टे पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया। एंबुलेंस सेवा प्रभारी का सीधे-सीधे कहना था कि उनकी एंबुलेंस रोजाना मरीजों को इधर से उधर पहुंचा रहीं हैं। ये तो ऐसे ही चलेंगी, तुम्हारा काम शिकायत करना है, लिखित शिकायत कर दो, तब देखेंगे।
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मुजफ्फरनगर/खतौली। कोरोना संक्रमण के जबरदस्त प्रसार के बीच मरीजों के लिए संजीवनी के समान 108 एंबुलेंस सेवा का स्टाफ मरीजों के स्वास्थ्य रखरखाव से पूरी तरह अनभिज्ञ है। खतौली की महिला मरीज की मौत के मामले में लखनऊ से शुरू हुई जांच में यह खुलासा हुआ है, जिसके बाद महिला के परिजनों ने कार्रवाई की मांग की है।
खतौली के अशोक विहार कॉलोनी में स्थित कोविड एल-वन हॉस्पिटल से तीन दिन पूर्व महिला मरीज को ऑक्सीजन की कमी के चलते जिला अस्पताल रेफर किया गया था। इसके लिए 108 एंबुलेंस को बुलाकर मरीज को उसमें शिफ्ट कर दिया गया था। आरोप है कि बार-बार कहे जाने के बावजूद एंबुलेंस स्टाफ ने महिला की हालत नाजुक होने के बावजूद उसे ऑक्सीजन नहीं लगाई, जिसके चलते मंसूरपुर के पास रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
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शिकायत का संज्ञान लेते हुए 108 एंबुलेंस के लखनऊ मुख्यालय ने संबंधित एंबुलेंस में तैनात स्टाफ से फोन पर वार्ता करते हुए एंबुलेंस में मौजूद ऑक्सीजन सिलिंडर में गैस की उपलब्धता और उसके लेवल के बारे में जानकारी मांगी, तो स्टाफ इससे पूरी तरह अनभिज्ञ मिला। लखनऊ मुख्यालय से वार्ता कर रहे अफसर ने यह देख एंबुलेंस स्टाफ की क्लास लेते हुए महिला के पति से कार्रवाई की बाबत पूछा। इस पर पीड़ित परिजनों ने इसे सीधे तौर पर हत्या बताते हुए आरोपी एंबुलेंस स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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‘ये एंबुलेंस तो ऐसे ही चलेंगी, शिकायत कर दो’
खतौली। तीन दिन पूर्व महिला मरीज की मौत के मामले में 108 एंबुलेंस सेवा के मुख्यालय से मामले की जानकारी ले रहे अधिकारी ने एंबुलेंस स्टाफ की लापरवाही पाकर उसके स्थानीय प्रभारी से बात की तो उन्होंने उल्टे पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया। एंबुलेंस सेवा प्रभारी का सीधे-सीधे कहना था कि उनकी एंबुलेंस रोजाना मरीजों को इधर से उधर पहुंचा रहीं हैं। ये तो ऐसे ही चलेंगी, तुम्हारा काम शिकायत करना है, लिखित शिकायत कर दो, तब देखेंगे।