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हड़ताल के कारण नहीं मिली एंबुलेंस, निजी वाहनों से गए मरीज

Tue, 27 Jul 2021 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 11:30 PM IST
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Ambulance not found due to strike, patients went by private vehicles
जिला महिला चिकित्सालय में एंबुलेंस नहीं मिलने पर किराय की कार से चरथावल की जच्चा नौरीन और उसकी नव - फोटो : MUZAFFARNAGAR
हड़ताल के कारण नहीं मिली एंबुलेंस, निजी वाहनों से गए मरीज
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मुजफ्फरनगर। एंबुलेेंस चालकों और टैक्नीशियन की हड़ताल के कारण मरीज परेशान हैं। एंबुलेेंस नहीं मिलने के कारण तीमारदार भी परेशान रहे। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और जच्चा बच्चा को उठानी पड़ी है। जिला महिला चिकित्सालय में परिजन अपने मरीजों को अपने वाहनों या किराये के वाहनों से लेकर आए। निजी एंबुलेंस से भी मरीजों को घर ले जाया गया। एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से मरीजों को घरों से लाने और ले जाने की पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई है। बीते दो दिनों से अपनी मांगों को लेकर एंबुलेंस चालक पूर्णतया हड़ताल पर रहे हैं। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर में एंबुलेंस की हड़ताल के चलते जिला महिला चिकित्सालय में मरीजों और तीमारदारों का हाल जानने पर हकीकत सामने आ गई।
मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे महिला अस्पताल में कोई एंबुलेंस नहीं थी। मरीज और तीमारदार परेशान घूमते मिले। चरथावल के रोहाना रोड निवासी आस मोहम्मद की पत्नी नौरीन ने बेटी को जन्म दिया। वह जच्चा बच्चा को घर लेकर जाना चाहता था, मगर एंबुलेंस नहीं मिली, तो किराये की कार कर पत्नी और बच्चे को लेकर घर गया। आवास विकास कॉलोनी खतौली की शिप्रा ने भी बेटी को जन्म दिया। उन्हें भी अस्पताल से छुट्टी मिली, मगर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। शिप्रा ने बताया कि सुबह से आशा वैशाली एंबुलेंस बुलवाने में लगी है, मगर अभी तक नहीं एंबुलेंस नहीं आई। शहर के रामपुरी निवासी गर्भवती काजल परेशान हाल में मिली। बताया कि एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण अन्य साधन से अस्पताल में आना पड़ा है। शिवनगर निवासी अशोक ने बताया कि प्राइवेट एंबुलेंस वाले उनके रिश्तेदार मरीज को गांव तक छोड़ने के लिए ही एक हजार रुपये मांग रहा है।
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अस्पताल के बाहर खड़ी रही निजी एंबुलेंस
मुजफ्फरनगर। एंबुलेंस 102, 108 और एएलएस चालकों की हड़ताल के चलते प्राईवेट एंबुलेंस चालकों ने मौके का खूब फायदा उठाया। जिला चिकित्सालय के बाहर कई प्राईवेट एंबुलेंस खड़ी रही। सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने पर तीमारदार इन्हें लेकर जाने पर मजबूर रहे।
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इमरजेंसी सेवा जारी
मुजफ्फरनरगर। एंबुलेंस चालकों ने हड़ताल के चलते भी इमरजेंसी सेवा बहाल रखी है। जनपद में फिलहाल 60 एंबुलेंस हैं, जिनमें 102 की संख्या 30 और 108 की संख्या 27 है, जबकि तीन एंबुलेंस एएलएस है। इनमें करीब ढाई सौ कर्मचारी हड़ताल पर है। जीवन दायिनी संघ के मीडिया प्रभारी शरण सिंह भारती ने बताया कि अभी हम हड़ताल पर है, मगर इमरजेंसी सेवा बहाल है। 108 पर आने वाली हर कॉल पर एंबुलेंस उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि हमारी हड़ताल से किसी के साथ अनहोनी न हो। जीवन बचाने के लिए हम सेवा देने को तत्पर है। बीते दो दिनों से हड़ताल पर चल रहे एंबुलेंस चालकों ने अपनी मांगों को लेकर मखियाली सीएचसी में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया। वहीं पर एंबुलेंस भी खड़ी की। प्रदर्शन में संघ के जिलाध्यक्ष अमरीश कुमार, मंत्री अमित गोयल, शरण सिंह भारती, हरीश, जितेंद्र, पंकज, रोहित, गौरव आदि शामिल रहे।

सभी सेवाएं सुचारु हैं
एंबुलेंस चालक हड़ताल अब नहीं है। इनके संगठन की शासन से वार्ता हो गई है। इनके हड़ताल पर रहते हुए भी इमरजेंसी सेवाएं लगातार बहाल रही। यदि कोई एंबुलेेंस चालक सेवा देने से इंकार करता है तो मरीज या तीमारदार अपनी शिकायत दर्ज कराए - डॉ. एमएस फौजदार, सीएमओ
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