{"_id":"5ec416638ebc3e908644ea79","slug":"alavida-zuma-and-eid-prayers-at-home-muzaffarnagar-news-mrt4824812153","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों में रहकर ही कोरोना को हराना है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों में रहकर ही कोरोना को हराना है
विज्ञापन
इरफान अली।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलविदा जुमा व ईद की नमाज घर में ही अदा करें रोजेदार
मुजफ्फरनगर, भोपा। कोरोना के चलते सभी लोगों का फर्ज है कि वे लॉकडाउन का पालन करें और बीमारी को नियंत्रित करने में सरकार का सहयोग करें, जब तक कि बीमारी खत्म न हो जाए। क्षेत्र के मुस्लिम समाज के प्रमुख लोगों ने रमजान माह के अलविदा जुमा के साथ ही ईद की नमाज भी घर में ही रहकर अदा करने की अपील की।
गांव सीकरी की महिला प्रधान के पति इरफान अली उर्फ अप्पी का कहना है कि सभी को लॉकडाडन व सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। संक्रमण फैलने से बचाने के लिए जरूरी है कि रमजान माह के अलविदा जुमा के साथ ही ईद-उल-फितर की नमाज भी घरों में ही रहकर अदा की जाए।
गांव नंगला बुजुर्ग निवासी हबीब अहमद ने कहा कि लोग कोरोना को गंभीरता से लें। देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी है कि हम खुद भी बचें और अन्य लोगों को भी इससे बचाएं। ईद पर खर्च से बचते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
विज्ञापन
समाजसेवी चांद मियां ने कहा कि सभी का दायित्व है कि अपने घरों में ही रहकर अलविदा जुमा व ईद की नमाज पढ़ें। इसी से देश और देश की जनता सुरक्षित रहेगी।
मोरना की महिला प्रधान के पति शहजाद अंसारी ने कहा कि वक्त की जरूरत है कि कोरोना को उखाड़ फेंकने के लिए लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें। थोड़ी सी लापरवाही घातक सिद्ध हो सकती है। ऐसे में सादगी के साथ त्योहार मनाएं और नमाज घर में ही पढ़ें।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, भोपा। कोरोना के चलते सभी लोगों का फर्ज है कि वे लॉकडाउन का पालन करें और बीमारी को नियंत्रित करने में सरकार का सहयोग करें, जब तक कि बीमारी खत्म न हो जाए। क्षेत्र के मुस्लिम समाज के प्रमुख लोगों ने रमजान माह के अलविदा जुमा के साथ ही ईद की नमाज भी घर में ही रहकर अदा करने की अपील की।
गांव सीकरी की महिला प्रधान के पति इरफान अली उर्फ अप्पी का कहना है कि सभी को लॉकडाडन व सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। संक्रमण फैलने से बचाने के लिए जरूरी है कि रमजान माह के अलविदा जुमा के साथ ही ईद-उल-फितर की नमाज भी घरों में ही रहकर अदा की जाए।
विज्ञापन
गांव नंगला बुजुर्ग निवासी हबीब अहमद ने कहा कि लोग कोरोना को गंभीरता से लें। देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी है कि हम खुद भी बचें और अन्य लोगों को भी इससे बचाएं। ईद पर खर्च से बचते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
विज्ञापन
समाजसेवी चांद मियां ने कहा कि सभी का दायित्व है कि अपने घरों में ही रहकर अलविदा जुमा व ईद की नमाज पढ़ें। इसी से देश और देश की जनता सुरक्षित रहेगी।
मोरना की महिला प्रधान के पति शहजाद अंसारी ने कहा कि वक्त की जरूरत है कि कोरोना को उखाड़ फेंकने के लिए लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें। थोड़ी सी लापरवाही घातक सिद्ध हो सकती है। ऐसे में सादगी के साथ त्योहार मनाएं और नमाज घर में ही पढ़ें।

शहजाद अंसारी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

हबीब अहमद।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

चांद मियां।- फोटो : MUZAFFARNAGAR