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गंगा खादर में अफरातफरी का आलम
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शुकतीर्थ के गंगा खादर क्षेत्र में प्रशासन के चेतावनी के बाद नौकाओं का ठीक करते कर्मचारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
गंगा खादर में अफरातफरी का आलम, ग्रामीणों को खेतों में नहीं जाने की सलाह
मोरना (मुजफ्फरनगर)। उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर के फटने के कारण गंगा खादर में प्रशासन के हाई अलर्ट के बाद अफरातफरी का आलम हो गया। लेखपालों की टीम और भोपा पुलिस प्रभारी ने गंगा खादर से सटे गांवों में ग्रामीणों के बीच जाकर एनाउंसमेट कर जंगल से घरों की ओर लौटने का आह्वान किया। गंगा खादर के ग्रामीण अपना सामान समेटकर गांव की ओर रुख करते नजर आए। वहीं, चरवाहे अपने जानवरों ओर पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए रेत के टिल्ला पर ऊंचे स्थान की ओर ले गए। शुकतीर्थ गंगा खादर में गांव जोगावाला और इंछावाला में रहने वाले मजदूरों ने अपने वाहनों के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाना आरंभ कर दिया है।
मोरना ब्लॉक के गंगा खादर के गांव मजलिसपुर तोफीर, नया गांव, महाराज नगर, सिताबपुरी, इंछावाला, धारीवाला और बिहारगढ़ आदि में बाढ़ आने की आशंका ज्यादा रहती है। एसडीएम अमृतपाल कौर के आदेश पर लेखपाल सोमपाल सिह, पंकज कुमार ने मजलिसपुर प्रधान योगेश चौहान और शुकतीर्थ प्रधान सुशील शर्मा के साथ ग्रामीणों के बीच पहुंच कर जंगल से गांव की ओर लौटने का आह्वान किया। हाई अलर्ट की सूचना मिलते ही गंगा खादर में खेती का कार्य करने गए किसान मजदूर आनन-फानन में अपना सामान समेटकर कर बैल-बुग्गी, ट्रैक्टर-ट्राली से घरों की ओर लौटने लगे। ग्रामीण महिला, पुरुष अपने परिजनों के साथ खाना बनाने के लिए उपलों को एकत्र करते हुए नजर आए। सहारनपुर निवासी जयवीर, ओमसिंह, मनोज, विक्रम आदि ने बताया कि सैकड़ों भेड़ों को चराने के लिए प्रतिवर्ष गंगा खादर में आकर इनका पालन पोषण के लिए ठहरे हुए थे। अचानक पुलिस ने आकर बाढ़ का पानी आने की सूचना देकर गंगा खादर से चले जाने को कहा। चरवाहे अपनी भेड़ों को लेकर सोलानी नदी किनारे रेत के ऊंचे रेतीले टिल्ला पर आकर ठहर गए हैं। वहीं, शुकतीर्थ गंगा खादर और मजलिसपुर तोफीर के निकटवर्ती गांवों में भोपा थाना प्रभारी सूबेसिंह यादव ने एनाउंसमेंट कर ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट की जानकारी दी।
किसानों के चेहरों पर फसल बर्बाद होने की चिंता
मोरना। गंगा खादर की हजारों बीघा जमीन से आधा दर्जन गांवों के किसान और मजदूरों की रोजी-रोटी जुड़ी है। किसानों के खेतों में सरसों, गेहूं आदि सहित गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। वहीं, गंगा खादर में गन्ने की अगली फसल बुवाई करने की जोर शोर से तैयारी चल रही है। अगर गंगा खादर में पानी आता है तो यह सब फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं, गन्ने की बुवाई भी प्रभावित होगी। बाढ़ आने की आशंका से किसानों के चेहरे पर फसल बर्बादी का खौफ साफ झलक रहा था।
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भाजपा नेता पहुंचे लोगों के बीच
मोरना। भाजपा नेता अमित राठी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। गांव मजलिसपुर तोफीर में प्रधान योगेश चौहान, महेंद्र सिंह, सुबोध सैनी, प्रमोद, मदन, योगेश मास्टर, राकेश, पूर्व प्रधान रामकला, डॉक्टर बुद्ध सिंह आदि ने लोगों से बातचीत करते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ के पानी को उत्तराखंड से ही विभिन्न नदियों और नहरों में विभाजित कर बांटकर छोड़ा जाएगा। -
घबराने की कोई बात नहीं
मोरना। नमामि गंगे के सह संयोजक डॉ वीरपाल निर्वाल ने बाढ़ से विचलित नहीं होने का आह्वान किया। ग्रामीणों को भी हिम्मत रखनी होगी। बाढ़ से कैसे निपटा जाता है इसका गंगा खादर वासियों को बखूबी पता है। शासन प्रशासन गंगा खादर के किसान और मजदूरों के साथ खड़ी है।
अधिकारियों ने जायजा लिया
भोपा। उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद गंगा व उसकी सहायक नदियों में बाढ़ आने की आशंका के चलते अफसरों ने रविवार को खादर क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को सतर्क किया। एसडीएम जानसठ अमृतपाल कौर, सीओ भोपा सत्येंद्र तिवारी और सीओ जानसठ शकील अहमद द्वारा गांव जौली, बेलड़ा व धीराहेड़ी के साथ ही गांव ढ़ांसरी, कम्हेड़ा और खेड़ी फिरोजाबाद में पहुंचकर अनाउंसमेंट कराते हुए ग्रामीणों से गंगनहर से दूर रहने की अपील की।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर के फटने के कारण गंगा खादर में प्रशासन के हाई अलर्ट के बाद अफरातफरी का आलम हो गया। लेखपालों की टीम और भोपा पुलिस प्रभारी ने गंगा खादर से सटे गांवों में ग्रामीणों के बीच जाकर एनाउंसमेट कर जंगल से घरों की ओर लौटने का आह्वान किया। गंगा खादर के ग्रामीण अपना सामान समेटकर गांव की ओर रुख करते नजर आए। वहीं, चरवाहे अपने जानवरों ओर पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए रेत के टिल्ला पर ऊंचे स्थान की ओर ले गए। शुकतीर्थ गंगा खादर में गांव जोगावाला और इंछावाला में रहने वाले मजदूरों ने अपने वाहनों के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाना आरंभ कर दिया है।
मोरना ब्लॉक के गंगा खादर के गांव मजलिसपुर तोफीर, नया गांव, महाराज नगर, सिताबपुरी, इंछावाला, धारीवाला और बिहारगढ़ आदि में बाढ़ आने की आशंका ज्यादा रहती है। एसडीएम अमृतपाल कौर के आदेश पर लेखपाल सोमपाल सिह, पंकज कुमार ने मजलिसपुर प्रधान योगेश चौहान और शुकतीर्थ प्रधान सुशील शर्मा के साथ ग्रामीणों के बीच पहुंच कर जंगल से गांव की ओर लौटने का आह्वान किया। हाई अलर्ट की सूचना मिलते ही गंगा खादर में खेती का कार्य करने गए किसान मजदूर आनन-फानन में अपना सामान समेटकर कर बैल-बुग्गी, ट्रैक्टर-ट्राली से घरों की ओर लौटने लगे। ग्रामीण महिला, पुरुष अपने परिजनों के साथ खाना बनाने के लिए उपलों को एकत्र करते हुए नजर आए। सहारनपुर निवासी जयवीर, ओमसिंह, मनोज, विक्रम आदि ने बताया कि सैकड़ों भेड़ों को चराने के लिए प्रतिवर्ष गंगा खादर में आकर इनका पालन पोषण के लिए ठहरे हुए थे। अचानक पुलिस ने आकर बाढ़ का पानी आने की सूचना देकर गंगा खादर से चले जाने को कहा। चरवाहे अपनी भेड़ों को लेकर सोलानी नदी किनारे रेत के ऊंचे रेतीले टिल्ला पर आकर ठहर गए हैं। वहीं, शुकतीर्थ गंगा खादर और मजलिसपुर तोफीर के निकटवर्ती गांवों में भोपा थाना प्रभारी सूबेसिंह यादव ने एनाउंसमेंट कर ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट की जानकारी दी।
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किसानों के चेहरों पर फसल बर्बाद होने की चिंता
मोरना। गंगा खादर की हजारों बीघा जमीन से आधा दर्जन गांवों के किसान और मजदूरों की रोजी-रोटी जुड़ी है। किसानों के खेतों में सरसों, गेहूं आदि सहित गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। वहीं, गंगा खादर में गन्ने की अगली फसल बुवाई करने की जोर शोर से तैयारी चल रही है। अगर गंगा खादर में पानी आता है तो यह सब फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं, गन्ने की बुवाई भी प्रभावित होगी। बाढ़ आने की आशंका से किसानों के चेहरे पर फसल बर्बादी का खौफ साफ झलक रहा था।
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भाजपा नेता पहुंचे लोगों के बीच
मोरना। भाजपा नेता अमित राठी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। गांव मजलिसपुर तोफीर में प्रधान योगेश चौहान, महेंद्र सिंह, सुबोध सैनी, प्रमोद, मदन, योगेश मास्टर, राकेश, पूर्व प्रधान रामकला, डॉक्टर बुद्ध सिंह आदि ने लोगों से बातचीत करते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ के पानी को उत्तराखंड से ही विभिन्न नदियों और नहरों में विभाजित कर बांटकर छोड़ा जाएगा। -
घबराने की कोई बात नहीं
मोरना। नमामि गंगे के सह संयोजक डॉ वीरपाल निर्वाल ने बाढ़ से विचलित नहीं होने का आह्वान किया। ग्रामीणों को भी हिम्मत रखनी होगी। बाढ़ से कैसे निपटा जाता है इसका गंगा खादर वासियों को बखूबी पता है। शासन प्रशासन गंगा खादर के किसान और मजदूरों के साथ खड़ी है।
अधिकारियों ने जायजा लिया
भोपा। उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद गंगा व उसकी सहायक नदियों में बाढ़ आने की आशंका के चलते अफसरों ने रविवार को खादर क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को सतर्क किया। एसडीएम जानसठ अमृतपाल कौर, सीओ भोपा सत्येंद्र तिवारी और सीओ जानसठ शकील अहमद द्वारा गांव जौली, बेलड़ा व धीराहेड़ी के साथ ही गांव ढ़ांसरी, कम्हेड़ा और खेड़ी फिरोजाबाद में पहुंचकर अनाउंसमेंट कराते हुए ग्रामीणों से गंगनहर से दूर रहने की अपील की।

शुकतीर्थ के गंगा खादर क्षेत्र से प्रशासन के चेतावनी के वाद पलायन करते लोग।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

शुकतीर्थ के गंगा खादर क्षेत्र से प्रशासन के चेतावनी के वाद पलायन करते लोग।- फोटो : MUZAFFARNAGAR