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Muzaffarnagar News: माता के मंदिर में 64 साल से प्रज्ज्वलित हैं अखंड ज्योति
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। कुरालसी गांव स्थित चिंतपूर्णी मां शाकंभरी देवी माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सच्चे मन से मांगी गईं मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माता के भवन में 64 वर्षों से अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित हैं।
पुजारी गोविंद झा और मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राज सिंह ने बताया कि वर्ष 1959 में मंदिर के भव्य भवन की स्थापना हुई थी। तभी से माता रानी के मंदिर में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित है। लाला बिशंबर सहाय ने मंदिर के भव्य भवन की स्थापना करवाई थी। उस समय दो शंकराचार्य की मौजूदगी में सिद्धपीठ स्थापित हुई थी। माता के भवन में 128 शतचंडी महायज्ञ और दो सहस्त्रचंडी महायज्ञ काशी और हरिद्वार से आए पंड़ितों से करवाए गए। उन्होंने बताया कि अब मंदिर के संरक्षक हरिद्वार भूमा निकेतन के स्वामी अच्युतानंद जी महाराज है।
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बुढ़ाना। कुरालसी गांव स्थित चिंतपूर्णी मां शाकंभरी देवी माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सच्चे मन से मांगी गईं मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माता के भवन में 64 वर्षों से अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित हैं।
पुजारी गोविंद झा और मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राज सिंह ने बताया कि वर्ष 1959 में मंदिर के भव्य भवन की स्थापना हुई थी। तभी से माता रानी के मंदिर में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित है। लाला बिशंबर सहाय ने मंदिर के भव्य भवन की स्थापना करवाई थी। उस समय दो शंकराचार्य की मौजूदगी में सिद्धपीठ स्थापित हुई थी। माता के भवन में 128 शतचंडी महायज्ञ और दो सहस्त्रचंडी महायज्ञ काशी और हरिद्वार से आए पंड़ितों से करवाए गए। उन्होंने बताया कि अब मंदिर के संरक्षक हरिद्वार भूमा निकेतन के स्वामी अच्युतानंद जी महाराज है।
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