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धूल और धुएं का गुबार घोंट रहा दम
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भोपा रोड पर चिमनी से निकलता धुआ।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
धूल और धुएं का गुबार घोंट रहा दम
मुजफ्फरनगर। वातावरण में छाई धुंध से लोगों का सांस लेना दुश्वार हो गया है। बावजूद प्रदूषण को कम करने को लेकर कोई गंभीर नहीं है। हवा में घुल रहे जहर को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में जो रणनीति बनाई गई थी, उनमें से ज्यादातर बिंदुओं पर काम नहीं हुआ। सड़कों पर रेत और बजरी के ढेर यूं ही लगे हैं और धुएं का गुबार छोड़ते वाहनों का संचालन भी बेरोकटोक जारी है। आलम यह है कि शहर की सड़कों पर हर समय वाहनों की रफ्तार से धूल उड़ती रहती है।
वायु प्रदूषण से हर खासो आम परेशान है। जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ऊपर पहुंचने पर अफसरों ने इस तरफ थोड़ा ध्यान दिया और प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की बैठक में रणनीति तैयार की गई। इसमें कई बिंदुओं पर काम होना था, लेकिन इस पर जरा भी ध्यान नहीं दिया गया। सड़कों के किनारे रेत-बजरी की बिक्री पर लगाम लगाई जानी थी, लेकिन यह बदस्तूर हो रही है। भोपा रोड पर विश्वकर्मा चौक से हाईवे ओवरब्रिज तक सड़कों के दोनों और जगह-जगह रेत और बजरी के ढेर लगे हैं। सड़कों के दोनों और ट्रक एवं अन्य छोटे-बड़े वाहन खड़े हैं।
जब ये चलते हैं तो धूल का गुबार उठ खड़ा होता है जो हवा में मिलकर प्रदूषण बढ़ाता है। इसी तरह जानसठ रोड पर अलमासपुर से बाईपास तक सड़क के दोनों ओर जगह-जगह रेत-बजरी पड़ी हुई है। थोड़ा आगे शेरनगर में तो सड़क पूरी तरह टूट गई है। वाहनों के आवागमन से यहां हर समय धूल उड़ती रहती है। शामली रोड पर बस स्टैंड से काली नदी पुल के आगे तक धूल के कारण बुरा हाल रहता है। रुड़की रोड की भी यही हालत है। न तो रेत के इन ढेरों पर पानी का छिड़काव होता है और न ही इन्हें ढका गया है। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय का कहना है कि प्रदूषण रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विभागों को कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। सभी मिलजुलकर प्रदूषण से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। रविवार का अवकाश होने के कारण अन्य विभागों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
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धुआं उगल रहे पुराने वाहन
मुजफ्फरनगर। नगर में पुराने वाहनों की भरमार है। कुछ लोगों ने पुराने दुपहिया वाहनों के इंजन लगाकर ठेले बनवा रखे हैं। इनसे खतरनाक धुआं निकलता है। नगर में पुराने वाहनों की रोकथाम के लिए कोई कारगर कार्रवाई नहीं की गई है। पुराने वाहन बेरोकटोक चल रहे हैं और खतरनाक धुआं छोड़कर प्रदूषण फैला रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। वातावरण में छाई धुंध से लोगों का सांस लेना दुश्वार हो गया है। बावजूद प्रदूषण को कम करने को लेकर कोई गंभीर नहीं है। हवा में घुल रहे जहर को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में जो रणनीति बनाई गई थी, उनमें से ज्यादातर बिंदुओं पर काम नहीं हुआ। सड़कों पर रेत और बजरी के ढेर यूं ही लगे हैं और धुएं का गुबार छोड़ते वाहनों का संचालन भी बेरोकटोक जारी है। आलम यह है कि शहर की सड़कों पर हर समय वाहनों की रफ्तार से धूल उड़ती रहती है।
वायु प्रदूषण से हर खासो आम परेशान है। जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ऊपर पहुंचने पर अफसरों ने इस तरफ थोड़ा ध्यान दिया और प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की बैठक में रणनीति तैयार की गई। इसमें कई बिंदुओं पर काम होना था, लेकिन इस पर जरा भी ध्यान नहीं दिया गया। सड़कों के किनारे रेत-बजरी की बिक्री पर लगाम लगाई जानी थी, लेकिन यह बदस्तूर हो रही है। भोपा रोड पर विश्वकर्मा चौक से हाईवे ओवरब्रिज तक सड़कों के दोनों और जगह-जगह रेत और बजरी के ढेर लगे हैं। सड़कों के दोनों और ट्रक एवं अन्य छोटे-बड़े वाहन खड़े हैं।
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जब ये चलते हैं तो धूल का गुबार उठ खड़ा होता है जो हवा में मिलकर प्रदूषण बढ़ाता है। इसी तरह जानसठ रोड पर अलमासपुर से बाईपास तक सड़क के दोनों ओर जगह-जगह रेत-बजरी पड़ी हुई है। थोड़ा आगे शेरनगर में तो सड़क पूरी तरह टूट गई है। वाहनों के आवागमन से यहां हर समय धूल उड़ती रहती है। शामली रोड पर बस स्टैंड से काली नदी पुल के आगे तक धूल के कारण बुरा हाल रहता है। रुड़की रोड की भी यही हालत है। न तो रेत के इन ढेरों पर पानी का छिड़काव होता है और न ही इन्हें ढका गया है। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय का कहना है कि प्रदूषण रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विभागों को कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। सभी मिलजुलकर प्रदूषण से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। रविवार का अवकाश होने के कारण अन्य विभागों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
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धुआं उगल रहे पुराने वाहन
मुजफ्फरनगर। नगर में पुराने वाहनों की भरमार है। कुछ लोगों ने पुराने दुपहिया वाहनों के इंजन लगाकर ठेले बनवा रखे हैं। इनसे खतरनाक धुआं निकलता है। नगर में पुराने वाहनों की रोकथाम के लिए कोई कारगर कार्रवाई नहीं की गई है। पुराने वाहन बेरोकटोक चल रहे हैं और खतरनाक धुआं छोड़कर प्रदूषण फैला रहे हैं।