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एचआईवी विषय पर उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन
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छूने या रोगी के सामान उपयोग करने से नहीं होता एड्स
मुुजफ्फरनगर। मेन स्ट्रीमिंग के अंतर्गत जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन विकास भवन सभागार मे किया गया। सीडीओ आलोक यादव ने कहा कि एड्स से बचाव के लिए सबसे कारगर कदम एड्स रोग के प्रति जागरूकता एवं जानकारी ही है। राज्य एड़स नियंत्रण सोसाइटी से आये मास्टर ट्रेनर सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए विभागवार माइक्रोप्लान बना लिया गया है। विभागीय कार्यशालाओं के लिए मदवार, विभागवार बजट विवरण सीएमओ की अनुमति उपरांत सभी को उपलब्ध कराया गया।
सीएमओ डॉ एमएस फौजदार ने बताया कि एड्स रोग मुख्यत: असुरक्षित संभोग, संक्रमित खून के चढ़ाने से तथा एक ही सूई द्वारा नशे के इंजेक्शन लेने से एवं संक्रमित मॉ से बच्चे मे आने से फैलता है। एड्स रोग छूने से, गले लगाने से, रोगी के कपडे़ पहनने से, रोगी की समस्त वस्तुएं इस्तेमाल करने से, संयुक्त शौचालय इस्तेमाल करने से, टेलीफोन प्रयोग करने से तथा मच्छर के काटने से नही फैलता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश गुप्ता ने सभी को एड्स रोग के लक्षण तथा उनसे बचाव की जानकारी के साथ -साथ यह भी बताया कि एचआईवी का कोई उपचार नही है। लेकिन एंटी- रेट्रोवायरल थैरेपीे (एआरटी) कहलाने वाली दवाइयां जरूर उपलब्ध है। ये दवाइयां व्यक्ति की प्रतिरोधक प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को मजबूत रखने में सहायता करती है। इस तरह रोगी बीमारी से लड़ना जारी रख सकते है और एड्स की शुरूआत को टाल सकते है। जिला चिकित्सालय में एआरटी सेंटर खुला हुआ है, जिसमें संबंधित रोगियों को इससे संबंधित दवाएं भी प्रदान करायी जा रही है। विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी स्टेट ट्रेनर, विभिन्न एनजीओ आदि उपस्थित रहे।
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मुुजफ्फरनगर। मेन स्ट्रीमिंग के अंतर्गत जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन विकास भवन सभागार मे किया गया। सीडीओ आलोक यादव ने कहा कि एड्स से बचाव के लिए सबसे कारगर कदम एड्स रोग के प्रति जागरूकता एवं जानकारी ही है। राज्य एड़स नियंत्रण सोसाइटी से आये मास्टर ट्रेनर सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए विभागवार माइक्रोप्लान बना लिया गया है। विभागीय कार्यशालाओं के लिए मदवार, विभागवार बजट विवरण सीएमओ की अनुमति उपरांत सभी को उपलब्ध कराया गया।
सीएमओ डॉ एमएस फौजदार ने बताया कि एड्स रोग मुख्यत: असुरक्षित संभोग, संक्रमित खून के चढ़ाने से तथा एक ही सूई द्वारा नशे के इंजेक्शन लेने से एवं संक्रमित मॉ से बच्चे मे आने से फैलता है। एड्स रोग छूने से, गले लगाने से, रोगी के कपडे़ पहनने से, रोगी की समस्त वस्तुएं इस्तेमाल करने से, संयुक्त शौचालय इस्तेमाल करने से, टेलीफोन प्रयोग करने से तथा मच्छर के काटने से नही फैलता है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश गुप्ता ने सभी को एड्स रोग के लक्षण तथा उनसे बचाव की जानकारी के साथ -साथ यह भी बताया कि एचआईवी का कोई उपचार नही है। लेकिन एंटी- रेट्रोवायरल थैरेपीे (एआरटी) कहलाने वाली दवाइयां जरूर उपलब्ध है। ये दवाइयां व्यक्ति की प्रतिरोधक प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को मजबूत रखने में सहायता करती है। इस तरह रोगी बीमारी से लड़ना जारी रख सकते है और एड्स की शुरूआत को टाल सकते है। जिला चिकित्सालय में एआरटी सेंटर खुला हुआ है, जिसमें संबंधित रोगियों को इससे संबंधित दवाएं भी प्रदान करायी जा रही है। विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी स्टेट ट्रेनर, विभिन्न एनजीओ आदि उपस्थित रहे।
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