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सभासदों और स्वास्थ्य अधिकारी के बीच समझौता
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सभासदों और स्वास्थ्य अधिकारी के बीच समझौता
मुजफ्फरनगर। बोर्ड बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ मारपीट के बाद शुरू हुआ समाप्त हो गया है और इस मामले में चेयरपर्सन अंजु अग्रवाल की पहल पर हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। दोनों ही पक्षों ने आगे एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने पर सहमति जताई है।
एक नंबर 2021 को बोर्ड बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अतुल कुमार एवं सभासद प्रवीण पीटर के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने एससीएसटी एक्ट की धाराओ में सभासद प्रवीण पीटर और विपुल भटनागर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिवाली के दो दिन बाद पुलिस ने प्रवीण पीटर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिला न्यायालय से भी प्रवीण पीटर की जमानत याचिका खारिज हो गई थी। समझौते के लिए बुलाई गई बैठक में सभासदों के अलावा कर्मचारी नेता गोपाल त्यागी एवं सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
सभासदों का दबाव काम आया
पालिका सभासदों ने चेयरपर्सन को बोर्ड बैठक बुलाने के लिए पत्र दिया था। इस बैठक में ईओ और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाना था। सभासदों की इस घोषणा से दोनों अधिकारी दबाव में थे और आखिर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को झुकना पड़ा।
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विपुल भटनागर के पक्ष में आई थी भाजपा
सभासद विपुल भटनागर पर मुकदमे को लेकर भाजपा के सभी नेता सामने आ गए थे। विपुल पर मारपीट का कोई आरोप सिद्ध नहीं हो रहा था। समझौते से विपुल का तनाव भी खत्म हो गया है।
दोनों पक्षों ने जताई सहमति: अंजू
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि एक नवंबर के घटनाक्रम का सुखद वातावरण में पटाक्षेप हो गया है। हम यह प्रयास करेंगे कि सभासद और अधिकारी मिलजुल शहर के विकास के लिए कार्य करें।
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मुजफ्फरनगर। बोर्ड बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ मारपीट के बाद शुरू हुआ समाप्त हो गया है और इस मामले में चेयरपर्सन अंजु अग्रवाल की पहल पर हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। दोनों ही पक्षों ने आगे एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने पर सहमति जताई है।
एक नंबर 2021 को बोर्ड बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अतुल कुमार एवं सभासद प्रवीण पीटर के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने एससीएसटी एक्ट की धाराओ में सभासद प्रवीण पीटर और विपुल भटनागर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिवाली के दो दिन बाद पुलिस ने प्रवीण पीटर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिला न्यायालय से भी प्रवीण पीटर की जमानत याचिका खारिज हो गई थी। समझौते के लिए बुलाई गई बैठक में सभासदों के अलावा कर्मचारी नेता गोपाल त्यागी एवं सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
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सभासदों का दबाव काम आया
पालिका सभासदों ने चेयरपर्सन को बोर्ड बैठक बुलाने के लिए पत्र दिया था। इस बैठक में ईओ और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाना था। सभासदों की इस घोषणा से दोनों अधिकारी दबाव में थे और आखिर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को झुकना पड़ा।
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विपुल भटनागर के पक्ष में आई थी भाजपा
सभासद विपुल भटनागर पर मुकदमे को लेकर भाजपा के सभी नेता सामने आ गए थे। विपुल पर मारपीट का कोई आरोप सिद्ध नहीं हो रहा था। समझौते से विपुल का तनाव भी खत्म हो गया है।
दोनों पक्षों ने जताई सहमति: अंजू
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि एक नवंबर के घटनाक्रम का सुखद वातावरण में पटाक्षेप हो गया है। हम यह प्रयास करेंगे कि सभासद और अधिकारी मिलजुल शहर के विकास के लिए कार्य करें।