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लाठीचार्ज के विरोध में भड़का आक्रोश
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:25 AM IST
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meeting
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) ने शहर कोतवाली में कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट के विरोध में कलक्ट्रेट घेरी। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ऋषिपाल अंबावत की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय मांगा, जिसके बाद धरना समाप्त हो गया।
भाकियू अंबावत के कार्यकर्ताओं पर सात सितंबर को कोतवाली में धरने के दौरान लाठीचार्ज कर दिया गया था। इस घटना के विरोध में संगठन के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना देते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। ऋषिपाल अंबावत ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसानों को किसी भी स्थिति में कमजोर न समझें।
दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो देशभर के किसान आंदोलन के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की पिटाई के लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार जिम्मेदार है। सरकार को अपने आप ही किसानों पर लाठी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर देनी चाहिए थी। अंबावत की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एडीएम वित्त गौरव कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी मौके पर पहुंचे।
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प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कर दी जाएगी। अंबावत ने कहा कि दो अक्तूबर को दिल्ली में किसान एकत्र होंगे, कार्रवाई नहीं होने पर वहीं पर आगे की लड़ाई का निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर संगठन की ओर से एक ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन में किसानों का किसानों का समस्त कर्ज माफ करने, गन्ने का भुगतान ब्याज सहित देने, किसान आयोग का गठन करने, बिजली की दरें सस्ती करने आदि की मांग रखी गई। इससे पूर्व, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह दहिया, नीरज चौधरी, संदीप फौजी, पद्म सेन चौधरी, जग्गी पहलवान, गुलाम मौहम्मद जौला, ललित त्यागी, शाह आलम, संजीव तोमर आदि ने विचार रखे।
किसान क्रांति यात्रा ऐतिहासिक होगी: राकेश टिकैत
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि भाकियू देश में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने की मांग को लेकर 23 सितंबर से किसान क्रांति यात्रा प्रारंभ करेगी। हरिद्वार से शुरू होने वाली यह यात्रा दो अक्तूबर को दिल्ली के किसान घाट पर संपन्न होगी। देश भर के किसान इस यात्रा में जुटेंगे। सरकुलर रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं।
जगह-जगह खड़े हो रहे किसान आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि सरकार किसानों को लेकर गंभीर नहीं है। किसान खेती छोड़ रहे हैं और आत्महत्या बढ़ रही है। फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना किसानों से अधिक बीमा कंपनियों के हित में है। 14 दिन में गन्ने के भुगतान का वादा झूठा साबित हुआ है।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट 15 साल से धूल चाट रही है। लागू करना तो दूर संसद में आज तक इस पर चर्चा तक नहीं हुई। भाकियू ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए 23 सितंबर से हरिद्वार से किसान क्रांति यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। हरिद्वार के टिकैत घाट से प्रारंभ होकर यह यात्रा दिल्ली के किसान घाट पर दो अक्तूबर को संपन्न होगी। किसानों के उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन के हिसाब से सी-टू फार्मूले के हिसाब से मिलना चाहिए। देश के किसानों के सभी तरह के कर्ज माफ किए जाएं। कुल 15 मांगे भाकियू ने रखी है। किसान क्रांति यात्रा में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के किसान बड़ी संख्या में शामिल होंगे। किसानों की इंडियन कोआर्डिनेशन कमेटी का भी इसमें सहयोग रहेगा। उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि 15 अक्तूबर तक चीनी मिलों ने भुगतान नहीं किया और पेराई सत्र का प्रारंभ नहीं किया तो डीएम ऑफिस पर गन्ने भरे जाएंगे। वार्ता में धर्मेंद्र मलिक भी मौजूद रहे। ब्यूरो
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भाकियू अंबावत के कार्यकर्ताओं पर सात सितंबर को कोतवाली में धरने के दौरान लाठीचार्ज कर दिया गया था। इस घटना के विरोध में संगठन के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना देते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। ऋषिपाल अंबावत ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसानों को किसी भी स्थिति में कमजोर न समझें।
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दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो देशभर के किसान आंदोलन के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की पिटाई के लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार जिम्मेदार है। सरकार को अपने आप ही किसानों पर लाठी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर देनी चाहिए थी। अंबावत की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एडीएम वित्त गौरव कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी मौके पर पहुंचे।
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प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कर दी जाएगी। अंबावत ने कहा कि दो अक्तूबर को दिल्ली में किसान एकत्र होंगे, कार्रवाई नहीं होने पर वहीं पर आगे की लड़ाई का निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर संगठन की ओर से एक ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन में किसानों का किसानों का समस्त कर्ज माफ करने, गन्ने का भुगतान ब्याज सहित देने, किसान आयोग का गठन करने, बिजली की दरें सस्ती करने आदि की मांग रखी गई। इससे पूर्व, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह दहिया, नीरज चौधरी, संदीप फौजी, पद्म सेन चौधरी, जग्गी पहलवान, गुलाम मौहम्मद जौला, ललित त्यागी, शाह आलम, संजीव तोमर आदि ने विचार रखे।
किसान क्रांति यात्रा ऐतिहासिक होगी: राकेश टिकैत
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि भाकियू देश में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने की मांग को लेकर 23 सितंबर से किसान क्रांति यात्रा प्रारंभ करेगी। हरिद्वार से शुरू होने वाली यह यात्रा दो अक्तूबर को दिल्ली के किसान घाट पर संपन्न होगी। देश भर के किसान इस यात्रा में जुटेंगे। सरकुलर रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं।
जगह-जगह खड़े हो रहे किसान आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि सरकार किसानों को लेकर गंभीर नहीं है। किसान खेती छोड़ रहे हैं और आत्महत्या बढ़ रही है। फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना किसानों से अधिक बीमा कंपनियों के हित में है। 14 दिन में गन्ने के भुगतान का वादा झूठा साबित हुआ है।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट 15 साल से धूल चाट रही है। लागू करना तो दूर संसद में आज तक इस पर चर्चा तक नहीं हुई। भाकियू ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए 23 सितंबर से हरिद्वार से किसान क्रांति यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। हरिद्वार के टिकैत घाट से प्रारंभ होकर यह यात्रा दिल्ली के किसान घाट पर दो अक्तूबर को संपन्न होगी। किसानों के उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन के हिसाब से सी-टू फार्मूले के हिसाब से मिलना चाहिए। देश के किसानों के सभी तरह के कर्ज माफ किए जाएं। कुल 15 मांगे भाकियू ने रखी है। किसान क्रांति यात्रा में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के किसान बड़ी संख्या में शामिल होंगे। किसानों की इंडियन कोआर्डिनेशन कमेटी का भी इसमें सहयोग रहेगा। उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि 15 अक्तूबर तक चीनी मिलों ने भुगतान नहीं किया और पेराई सत्र का प्रारंभ नहीं किया तो डीएम ऑफिस पर गन्ने भरे जाएंगे। वार्ता में धर्मेंद्र मलिक भी मौजूद रहे। ब्यूरो