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मां-बाप की मौत के बाद प्रिंस पर है तीन बहनों की जिम्मेदारी
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देवबंद (सहारनपुर)। कोरोना ने घ्याना गांव के प्रिंस और उसकी तीन बहनों की दुनिया ही उजाड़ कर रख दी। एक सप्ताह के भीतर माता पिता का साया सिर से उठ गया तो तीन बहनों की जिम्मेदारी प्रिंस के ऊपर आ गई। प्रिंस इतना मजबूर है की बहनों को संभालने की खातिर वे आंसू बहाकर माता पिता की मौत का मातम भी नहीं कर सकता।
थाना देवबंद क्षेत्र के घ्याना गांव निवासी अशोक कुमार (50) गांव में स्थित करीब छह बीघा जमीन में खेती बाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। इस बीच पत्नी सुदेश देवी (48) की अचानक तबीयत खराब हो गई। पहले उन्हें निजी अस्पताल और उसके बाद सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद सुदेश देवी को मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 24 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। इससे अशोक कुमार टूट गए, एहतियात के तौर पर उन्होंने अपना और बच्चों का भी कोरोना टेस्ट कराया। जिसमें अशोक कुमार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उन्हें मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पत्नी की मौत के सात दिन बाद ही 30 अप्रैल को उनकी भी मौत हो गई। अशोक कुमार के पांच बच्चे हैं। जिसमें उन्होंने सबसे बड़ी बेटी प्रियंका की शादी वर्ष 2013 में कर दी थी। अब अपने पीछे वह बेटी प्रीति (28), शालू (23), शिवानी (20) और बेटा प्रिंस (26) को छोड़कर गए हैं। माता पिता के जाने के बाद अब तीनों बहनों की जिम्मेदारी प्रिंस पर आ गई है। प्रिंस बताते हैं की वह एक इलेक्ट्रानिक्स की दुकान पर नौकरी करते हैं और खेती की जमीन है जिससे भरण पोषण चल रहा है। उन्होंने कहा की उन पर अब तीनों बहनों की जिम्मेदारी आ गई है। तीनों की शादी की उम्र हो चुकी है, जिस वजह से उन्हें ज्यादा चिंता सता रही है। अभी उनकी खुद की शादी भी नहीं हुई है। अब पहली जिम्मेदारी उनकी बहनों की शादी कराना है।
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थाना देवबंद क्षेत्र के घ्याना गांव निवासी अशोक कुमार (50) गांव में स्थित करीब छह बीघा जमीन में खेती बाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। इस बीच पत्नी सुदेश देवी (48) की अचानक तबीयत खराब हो गई। पहले उन्हें निजी अस्पताल और उसके बाद सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद सुदेश देवी को मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 24 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। इससे अशोक कुमार टूट गए, एहतियात के तौर पर उन्होंने अपना और बच्चों का भी कोरोना टेस्ट कराया। जिसमें अशोक कुमार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उन्हें मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पत्नी की मौत के सात दिन बाद ही 30 अप्रैल को उनकी भी मौत हो गई। अशोक कुमार के पांच बच्चे हैं। जिसमें उन्होंने सबसे बड़ी बेटी प्रियंका की शादी वर्ष 2013 में कर दी थी। अब अपने पीछे वह बेटी प्रीति (28), शालू (23), शिवानी (20) और बेटा प्रिंस (26) को छोड़कर गए हैं। माता पिता के जाने के बाद अब तीनों बहनों की जिम्मेदारी प्रिंस पर आ गई है। प्रिंस बताते हैं की वह एक इलेक्ट्रानिक्स की दुकान पर नौकरी करते हैं और खेती की जमीन है जिससे भरण पोषण चल रहा है। उन्होंने कहा की उन पर अब तीनों बहनों की जिम्मेदारी आ गई है। तीनों की शादी की उम्र हो चुकी है, जिस वजह से उन्हें ज्यादा चिंता सता रही है। अभी उनकी खुद की शादी भी नहीं हुई है। अब पहली जिम्मेदारी उनकी बहनों की शादी कराना है।
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