{"_id":"5fc7ddde8ebc3e9bfe29ece6","slug":"advance-bail-application-of-pir-khushal-s-wife-rejected-muzaffarnagar-news-mrt513767785","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीर खुशहाल की पत्नी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीर खुशहाल की पत्नी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीर खुशहाल की पत्नी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
मुजफ्फरनगर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को पीर खुशहाल की पत्नी नाजिया आफरीदी की ओर से दाखिल की गई अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। वन विभाग की भूमि पर अवैध निर्माण तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में नाजिया और उसका दामाद नामजद है।
भोपा क्षेत्र के गांव बिहारगढ़ में पीर खुशहाल ने वर्ष 1975 में वन विभाग की करीब 98 बीघा भूमि को कृषि कार्य के लिए लीज पर लिया था। लीज का समय 15 साल पहले 2005 में खत्म हो गया था। इसके बाद भी वन विभाग की जमीन को खाली नहीं किया था। वन विभाग ने पीर खुशहाल के वारिसान को नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद भूमि खाली नहीं की गई। 11 नवंबर को वन विभाग ने पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि खाली कराने का काम शुरू किया। सात दिनों तक चली कार्रवाई में जमीन को कब्जा मुक्त कराया था। वन रक्षक सुनील कुमार की ओर से 19 नवंबर को थाना भोपा में पीर खुशहाल की पत्नी नाजिया आफरीदी तथा उनके दामाद सूफी जव्वाद के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस इसकी जांच पड़ताल कर रही है। विगत दिनों नाजिया आफरीदी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल कराई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए अर्जी को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को पीर खुशहाल की पत्नी नाजिया आफरीदी की ओर से दाखिल की गई अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। वन विभाग की भूमि पर अवैध निर्माण तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में नाजिया और उसका दामाद नामजद है।
भोपा क्षेत्र के गांव बिहारगढ़ में पीर खुशहाल ने वर्ष 1975 में वन विभाग की करीब 98 बीघा भूमि को कृषि कार्य के लिए लीज पर लिया था। लीज का समय 15 साल पहले 2005 में खत्म हो गया था। इसके बाद भी वन विभाग की जमीन को खाली नहीं किया था। वन विभाग ने पीर खुशहाल के वारिसान को नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद भूमि खाली नहीं की गई। 11 नवंबर को वन विभाग ने पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि खाली कराने का काम शुरू किया। सात दिनों तक चली कार्रवाई में जमीन को कब्जा मुक्त कराया था। वन रक्षक सुनील कुमार की ओर से 19 नवंबर को थाना भोपा में पीर खुशहाल की पत्नी नाजिया आफरीदी तथा उनके दामाद सूफी जव्वाद के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस इसकी जांच पड़ताल कर रही है। विगत दिनों नाजिया आफरीदी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल कराई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए अर्जी को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन