फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Acquisition for Railway Doubling

अफसरों की मनमानी से फंसा मुआवजा, किसानों ने रेलवे बोर्ड, प्रशासन से की शिकायत            

Wed, 01 Nov 2017 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 01 Nov 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
Acquisition for Railway Doubling
प्रतीकात्मक तस्वीर
रेलवे दोहरीकरण के लिए अधिग्रहण की गई भूमि का मुआवजा अफसरों की मनमानी से फंस गया है। किसान चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी कार्रवाई को राजी नहीं हैं। अधिग्रहण में जिले में करीब 1600 से अधिक किसानों की भूमि गई है। इसमें से लगभग 300 किसानों को मुआवजा राशि दी गई है। हालांकि अधिकांश गांवों के किसान रेलवे के मुआवजा राशि से खुश नहीं है। किसान 1000 रुपये से अधिक प्रति वर्ग मीटर की मांग पर अड़े हैं, जबकि रेलवे 300 से 700 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा बांट रहा है।
विज्ञापन

     
केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद मेरठ से टपरी तक रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण कार्य प्रारंभ किया गया, जिसके लिए वर्ष 2015 में ट्रैक की जद में आ रहे किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया। जनपद में भी मुजफ्फरनगर परिक्षेत्र में 26 गांवों के किसानों की भूमि दोहरीकरण के लिए अधिग्रहीत की गई थी। इन गांवों में करीब 1650 से ज्यादा किसानों की भूमि के रेलवे ने दाम लगाए। अलग-अलग गांवों में भिन्न-भिन्न रूप में रेलवे बोर्ड ने मुआवजा राशि तय कर वितरण शुरू करा दिया।
विज्ञापन


वर्ष 2016 तक करीब 300 से अधिक किसानों को मुआवजा दिया गया। इसके बाद किसानों ने मुआवजा राशि कम बताते हुए एक हजार रुपये अधिक प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से राशि दिए जाने की मांग रखी। जबकि रेलवे बोर्ड किसानों को 300 रुपये 700 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा दे रहा है। पिछले डेढ़ साल से इसी रस्साकसी और अफसरों की मनमानी के चलते करीब 1300 से ज्यादा किसानों का मुआवजा फंसा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बताया कि रेलवे बोर्ड और भूमि अध्याप्ति अधिकारी किसानों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। किसानों की भूमि जबरन छीनकर औने-पौने दाम दिए जा रहे हैं। भूमि का मुआवजा 1020 से अधिक चाहिए। तभी रेलवे को दोहरीकरण का कार्य करने दिया जाएगा।      

इन गांवों की हुई थी भूमि अधिग्रहण      
मुजफ्फरनगर। रेलवे बोर्ड ने खतौली और मुजफ्फरनगर क्षेत्र के गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया। जिनमें खतौली के गांव टबीटा, मढ़करीमपुर, टिटौड़ा, तिगाई, भंगेला, भैंसी तथा मंसूरपुर, नरा, जडौदा, जट नंगला, सीमली, पीनना, लकड़संधा, शेरपुर, बधाई खुर्द, सलेमपुर, बामनहेड़ी आदि 26 गांवों की भूमि अधिग्रहीत की गई है।      


दिसंबर तक खत्म होंगे मुआवजे के केस      
मुजफ्फरनगर। एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें एक माह पूर्व ही एसएलओ का चार्ज मिला है। सहारनपुर में मुआवजे का कार्य धीमा था। हालांकि अब उन्होंने व्यवस्था की है कि एक दिन में दो गांवों के लोगों की शिकायत और कागजों की जांच की जाएगी। रिकार्ड जांचने में वक्त लग रहा है। किसानों के सभी मुआवजे के केस दिसंबर के अंत निपटा दिए जाएंगे। मामले में तेजी से कार्रवाई की जा रही है।      
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed