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Muzaffarnagar News: खाता लिंक नहीं, अभिभावक लापरवाह, बिना यूनिफार्म बच्चे आ रहे विद्यालय
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जनपद के परिषदीय विद्यालय में अप्रैल से कक्षाएं संचालित हो रही हैं। नौ महीने बाद अभी तक लगभग 40 हजार से अधिक बच्चों को डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना का लाभ नहीं मिल सका है। ऐसे में लाभ से वंचित बच्चे बिना यूनिफार्म, जूता, मौजा के विद्यालय आने पर मजबूर हैं। कुछ मामलों में खातों में धनराशि प्राप्त हो जाने के बाद अभिभावकों की लापरवाही भी देखी जा रही है।
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में जनपद के 951 परिषदीय विद्यालय में कुल 141174 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। शासन स्तर से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को समय से किताबें, यूनिफॉर्म, जूता, मौजा, बैग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए अभिभावकों के खाते में 1200-1200 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। विभाग की ओर से लगभग एक लाख बच्चों को डीबीटी के जरिए धनराशि भेज दी गई है।
समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से आदेश के बाद से ही प्रक्रिया पूरी कर अभिभावकों के खाते में डीबीटी का लाभ दिया गया है। लाभ से वंचित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं हो रहा है। इसके चलते खातों से कनेक्ट नहीं हो रहे हैं। तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं।
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-अभिभावक नहीं हो रहे सजग
पंचमुखी परिषदीय विद्यालय की प्रधानाचार्या निकत परवीन का कहना है कि विद्यालय में लगभग 115 विद्यार्थी हैं। इनमें से लगभग 101 के खातों में धनराशि भेज दी गई है। धनराशि प्राप्त हो जाने के बाद भी अभिभावक बच्चों के यूनिफार्म नहीं खरीद रहे हैं। बार-बार बच्चों द्वारा अभिभावकों को संदेश दिया जा रहा है, लेकिन वह सर्दी के आने के बाद भी गंभीर नहीं हैं।
-अनुशासन में अभिभावकों का भी सहयोग जरूरी
पूर्वी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य हिमानी का कहना कि स्कूली स्तर पर कार्य सजगता और तेजी से किया जा रहा है। अभिभावकों के लापरवाह रवैये के चलते विद्यार्थी बिना यूनिफार्म के आ रहे हैं।
खातों को लेकर कई बार नोटिस भेज गए हैं। आधार और खाते में हो रही तकनीकी खामियों को सही कराने के लिए बार-बार कहा जा रहा है। विद्यालय में अनुशासन शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों के सहयोग से ही बनाया जा सकता है। निरीक्षण के समय शिक्षकों को ही जवाब देना होता है।
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मुजफ्फरनगर। जनपद के परिषदीय विद्यालय में अप्रैल से कक्षाएं संचालित हो रही हैं। नौ महीने बाद अभी तक लगभग 40 हजार से अधिक बच्चों को डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना का लाभ नहीं मिल सका है। ऐसे में लाभ से वंचित बच्चे बिना यूनिफार्म, जूता, मौजा के विद्यालय आने पर मजबूर हैं। कुछ मामलों में खातों में धनराशि प्राप्त हो जाने के बाद अभिभावकों की लापरवाही भी देखी जा रही है।
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में जनपद के 951 परिषदीय विद्यालय में कुल 141174 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। शासन स्तर से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को समय से किताबें, यूनिफॉर्म, जूता, मौजा, बैग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए अभिभावकों के खाते में 1200-1200 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। विभाग की ओर से लगभग एक लाख बच्चों को डीबीटी के जरिए धनराशि भेज दी गई है।
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समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से आदेश के बाद से ही प्रक्रिया पूरी कर अभिभावकों के खाते में डीबीटी का लाभ दिया गया है। लाभ से वंचित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं हो रहा है। इसके चलते खातों से कनेक्ट नहीं हो रहे हैं। तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं।
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-अभिभावक नहीं हो रहे सजग
पंचमुखी परिषदीय विद्यालय की प्रधानाचार्या निकत परवीन का कहना है कि विद्यालय में लगभग 115 विद्यार्थी हैं। इनमें से लगभग 101 के खातों में धनराशि भेज दी गई है। धनराशि प्राप्त हो जाने के बाद भी अभिभावक बच्चों के यूनिफार्म नहीं खरीद रहे हैं। बार-बार बच्चों द्वारा अभिभावकों को संदेश दिया जा रहा है, लेकिन वह सर्दी के आने के बाद भी गंभीर नहीं हैं।
-अनुशासन में अभिभावकों का भी सहयोग जरूरी
पूर्वी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य हिमानी का कहना कि स्कूली स्तर पर कार्य सजगता और तेजी से किया जा रहा है। अभिभावकों के लापरवाह रवैये के चलते विद्यार्थी बिना यूनिफार्म के आ रहे हैं।
खातों को लेकर कई बार नोटिस भेज गए हैं। आधार और खाते में हो रही तकनीकी खामियों को सही कराने के लिए बार-बार कहा जा रहा है। विद्यालय में अनुशासन शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों के सहयोग से ही बनाया जा सकता है। निरीक्षण के समय शिक्षकों को ही जवाब देना होता है।