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वाहन चोर गिरोह का खुलासा, दो गिरफ्तार
Muzaffar nagar
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
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शामली। शहर कोतवाली पुलिस ने नोएडा में सक्रिय वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनसे सफारी समेत तीन गाड़ियां बरामद की हैं।
बुधवार को शहर कोतवाल आरएन सिंह यादव ने बताया कि इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस मेरठ-करनाल मार्ग स्थित काबड़ौत पुल पर चेकिंग कर रही थी। इसी बीच पुलिस ने मेरठ की ओर से कतार में आ रही दो सेंट्रो और काले रंग की सफारी को रुकने का इशारा किया, तो काफिले में आगे चल रही सेंट्रो गाड़ी का चालक कार छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने सफारी सवार चालक सदरपुर सेक्टर-39 नोएडा निवासी डिम्पल उर्फ विनोद मेहरा और दूसरी सेंट्रो गाड़ी में सवार उत्तरांचल कॉलोनी लोनी बार्डर निवासी रघुवीर सिंह को हिरासत में ले लिया। छानबीन में मौके से बरामद तीनों गाड़ियां चोरी की निकलने पर पुलिस ने दोनों चालकों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी डिम्पल उर्फ विनोद ने बताया कि वह नोएडा से गाड़ी चोरी कर उन्हें बेचने का काम करता हैं। उसने बताया कि सफारी गाड़ी आगरा जेल में बंद उसके एक साथी ने चोरी के बाद उसे बेचने के लिए दी थी, जबकि सेंट्रो गाड़ी उन्होंने गिरोह के लोगों के साथ मिलकर गंगा शॉपिंग माल और अमेटी कॉलेज नोएडा से चोरी की थी। कोतवाली इंचार्ज ने बताया कि फरार आरोपी अलीगढ़ निवासी सुशील शर्मा उर्फ पंडित उर्फ वकील बताया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा गिरोह नोएडा में कार चोरी की वारदातों में सक्रिय है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने नोएडा पुलिस को सूचना देकर गिरफ्तार आरोपियों का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया।
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साल भर में बेच देते हैं 100 गाड़ियां
शमाली। इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि ने गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि उनके गिरोह में सुशील उर्फ पंडित, जितेंद्र मंगोलपुरी, अबरार सिंभावली, टिल्लू टनकपुर, धर्मेंद्र पतवारी ग्रेटर नोएडा समेत आधा दर्जन से अधिक लोग सक्रिय हैं। गिरफ्तार आरोपियाें के कब्जे से गाड़ियों के लॉक तोड़ने की किट भी बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे एक वर्ष में चोरी की करीब 100 गाड़ियों को बेच देते हैं। उन्होंने बताया कि गिरोह के कुछ सदस्य कार चोरी की वारदातों में जेल में भी बंद हैं।
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बुधवार को शहर कोतवाल आरएन सिंह यादव ने बताया कि इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस मेरठ-करनाल मार्ग स्थित काबड़ौत पुल पर चेकिंग कर रही थी। इसी बीच पुलिस ने मेरठ की ओर से कतार में आ रही दो सेंट्रो और काले रंग की सफारी को रुकने का इशारा किया, तो काफिले में आगे चल रही सेंट्रो गाड़ी का चालक कार छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने सफारी सवार चालक सदरपुर सेक्टर-39 नोएडा निवासी डिम्पल उर्फ विनोद मेहरा और दूसरी सेंट्रो गाड़ी में सवार उत्तरांचल कॉलोनी लोनी बार्डर निवासी रघुवीर सिंह को हिरासत में ले लिया। छानबीन में मौके से बरामद तीनों गाड़ियां चोरी की निकलने पर पुलिस ने दोनों चालकों को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी डिम्पल उर्फ विनोद ने बताया कि वह नोएडा से गाड़ी चोरी कर उन्हें बेचने का काम करता हैं। उसने बताया कि सफारी गाड़ी आगरा जेल में बंद उसके एक साथी ने चोरी के बाद उसे बेचने के लिए दी थी, जबकि सेंट्रो गाड़ी उन्होंने गिरोह के लोगों के साथ मिलकर गंगा शॉपिंग माल और अमेटी कॉलेज नोएडा से चोरी की थी। कोतवाली इंचार्ज ने बताया कि फरार आरोपी अलीगढ़ निवासी सुशील शर्मा उर्फ पंडित उर्फ वकील बताया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा गिरोह नोएडा में कार चोरी की वारदातों में सक्रिय है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने नोएडा पुलिस को सूचना देकर गिरफ्तार आरोपियों का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया।
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साल भर में बेच देते हैं 100 गाड़ियां
शमाली। इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि ने गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि उनके गिरोह में सुशील उर्फ पंडित, जितेंद्र मंगोलपुरी, अबरार सिंभावली, टिल्लू टनकपुर, धर्मेंद्र पतवारी ग्रेटर नोएडा समेत आधा दर्जन से अधिक लोग सक्रिय हैं। गिरफ्तार आरोपियाें के कब्जे से गाड़ियों के लॉक तोड़ने की किट भी बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे एक वर्ष में चोरी की करीब 100 गाड़ियों को बेच देते हैं। उन्होंने बताया कि गिरोह के कुछ सदस्य कार चोरी की वारदातों में जेल में भी बंद हैं।