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हिंदू मतों के बिखराव से औंधे मुंह गिरी भाजपा
Muzaffar nagar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
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शामली। कैराना विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के नतीजे बेहद चौंकाने वाले हैं। मोदी लहर के चलते छह महीने पहले लोकसभा चुनाव के दौरान कैराना विस क्षेत्र में 23 हजार मतों से बढ़त बनाने वाली भाजपा उपचुनाव में हिंदू मतों के बिखराव से उपचुनाव में औंधे मुंह गिरी है। लोकसभा चुनाव में हिंदू बहुल जिन बूथों पर सपा प्रत्याशी दहाई का आकंड़ा नहीं छू सका, उपचुनाव में उसने सैकड़ों वोट बटोरी। भाजपा को एकतरफा वोट करने वाले जाट और कश्यप बिरादरी ने भी काफी हद तक सपा का साथ दिया। गुर्जर प्रत्याशी होने के बावजूद भाजपा गुर्जर मतों में सपा की सेंधमारी नहीं रोक सकी।
छह महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में कैराना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी हुकुम सिंह को कुल एक लाख 462 मत मिले थे, लेकिन उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी केवल 82, 882 मत ही हासिल कर सक ा। उधर, सपा प्रत्याशी नाहिद हसन को लोकसभा चुनाव में कैराना विधानसभा क्षेत्र से कुल 73, 833 मत मिले थे, जबकि उपचुनाव में उसे 83 हजार 984 मत मिले हैं। चुनाव परिणामों से साफ है कि सपा प्रत्याशी ने हिंदू मतों में सेंधमारी की है। खासतौर से जाटों की नाराजगी भाजपा को झेलनी पड़ी। जाट बहुल ऊन कस्बे के बूथ संख्या 112 पर लोकसभा चुनाव में सपा के नाहिद हसन को केवल 23 मत मिले थे, जबकि भाजपा को 209 मत मिले थे। इस बार उपचुनाव में नाहिद को 199 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी केा केवल 145 मत मिले हैं। जाहिर है कि जाटों ने केंद्र में चौधरी अजित सिंह की कोठी खाली कराने की नाराजगी का बदला इस बार लिया है। इसी तरह कश्यप बहुल ढूुंढार गांव के बूथ 267 पर लोस चुनाव में सपा को केवल तीन वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 1071। इस बार इस बूथ पर सपा प्रत्याशी 201 वोट हासिल करने में सफल रहा।
इसी तरह गुर्जर बहुल जगनपुरा, डूंडूखेडा ,इस्सोपुरट टील में लोकसभा चुनाव की तुलना में सपा ने गुर्जर मतों में सेंधमारी की, जबकि मुस्लिम मतों ने एक तरफा नाहिद के पक्ष में मतदान किया। हिंदू मतों के बिखराब और मुस्लिम मतों के धुव्रीकरण के बूते सपा भाजपा का किला ध्वस्त करने में सफल रही। इस चुनाव में मोदी का जादू नहीं चल सका।
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छह महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में कैराना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी हुकुम सिंह को कुल एक लाख 462 मत मिले थे, लेकिन उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी केवल 82, 882 मत ही हासिल कर सक ा। उधर, सपा प्रत्याशी नाहिद हसन को लोकसभा चुनाव में कैराना विधानसभा क्षेत्र से कुल 73, 833 मत मिले थे, जबकि उपचुनाव में उसे 83 हजार 984 मत मिले हैं। चुनाव परिणामों से साफ है कि सपा प्रत्याशी ने हिंदू मतों में सेंधमारी की है। खासतौर से जाटों की नाराजगी भाजपा को झेलनी पड़ी। जाट बहुल ऊन कस्बे के बूथ संख्या 112 पर लोकसभा चुनाव में सपा के नाहिद हसन को केवल 23 मत मिले थे, जबकि भाजपा को 209 मत मिले थे। इस बार उपचुनाव में नाहिद को 199 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी केा केवल 145 मत मिले हैं। जाहिर है कि जाटों ने केंद्र में चौधरी अजित सिंह की कोठी खाली कराने की नाराजगी का बदला इस बार लिया है। इसी तरह कश्यप बहुल ढूुंढार गांव के बूथ 267 पर लोस चुनाव में सपा को केवल तीन वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 1071। इस बार इस बूथ पर सपा प्रत्याशी 201 वोट हासिल करने में सफल रहा।
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इसी तरह गुर्जर बहुल जगनपुरा, डूंडूखेडा ,इस्सोपुरट टील में लोकसभा चुनाव की तुलना में सपा ने गुर्जर मतों में सेंधमारी की, जबकि मुस्लिम मतों ने एक तरफा नाहिद के पक्ष में मतदान किया। हिंदू मतों के बिखराब और मुस्लिम मतों के धुव्रीकरण के बूते सपा भाजपा का किला ध्वस्त करने में सफल रही। इस चुनाव में मोदी का जादू नहीं चल सका।
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