{"_id":"49-59548","slug":"Muzaffar-nagar-59548-49","type":"story","status":"publish","title_hn":" पुलिस की लापरवाही बनी हत्या का कारण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस की लापरवाही बनी हत्या का कारण
Muzaffar nagar
Updated Mon, 08 Jul 2013 05:30 AM IST
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बुढ़ाना 07 जुलाई। गांव मंदवाड़ा में 25 अप्रैल को दो सगी बहनों को घर से उठाकर उनके साथ गैंगरेप हुआ था। गैंगरेप के आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। गांव में हुई पंचायत के बाद सर्वसम्मति से हुए निर्णय के बाद 15 मई को गैंगरेप के आरोपी गांव के ही अफजाल, फरीद और हाशिम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। ग्रामीणों के दबाव के कारण पुलिस ने फरीद को जेल भेज दिया था। जो जमानत पर वापस आ गया है। अफजाल व फरीद घटना के बाद से फरार चल रहे हैं। अफजाल व फरीद फैसले के लिए ग्रामीणों पर दबाव बना रहे थे। इस मामले में लड़कियों के परिवार का ही लकड़ी ठेकेदार महफूज पैरवी कर रहा था। पैरवी करने पर गोली मारने की धमकी दी जा रही थी। ग्रामीणों ने कई बार इस संबंध में पुलिस को सूचना दी थी।
महफूज पुलिस का हमदर्द था
बुढ़ाना 07 जुलाई। पैरोकारी तथा पुलिस की सहायता करना ही महफूज की हत्या का कारण बना। गांव तथा आसपास के मामलाें में मृतक महफूज राना पुलिस को बहुत सहयोग करता था। कई बदमाशों की गिरफ्तारी के मामले में वह पुलिस का मददगार साबित हुआ। मृतक के परिवार की महिलाओं ने वर्दी वालों को जमकर कोसा। मृतक की भाभी का कहना था कि पुलिस वालों का फोन आते ही उसका देवर रात हो या दिन बाइक उठाकर उनकी सेवा में चला जाता था। पुलिस वालों ने उसकी जान बचाने में कोई मदद नहीं की। पुलिस लापरवाही न करती तो महफूज की जान बच सकती थी।
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महफूज पुलिस का हमदर्द था
बुढ़ाना 07 जुलाई। पैरोकारी तथा पुलिस की सहायता करना ही महफूज की हत्या का कारण बना। गांव तथा आसपास के मामलाें में मृतक महफूज राना पुलिस को बहुत सहयोग करता था। कई बदमाशों की गिरफ्तारी के मामले में वह पुलिस का मददगार साबित हुआ। मृतक के परिवार की महिलाओं ने वर्दी वालों को जमकर कोसा। मृतक की भाभी का कहना था कि पुलिस वालों का फोन आते ही उसका देवर रात हो या दिन बाइक उठाकर उनकी सेवा में चला जाता था। पुलिस वालों ने उसकी जान बचाने में कोई मदद नहीं की। पुलिस लापरवाही न करती तो महफूज की जान बच सकती थी।
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