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आधे घंटे खुलती है ‘मूंछ’ की कोठरी
Muzaffar nagar
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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मुजफ्फरनगर। आलीशान कोठियों में ऐशो आराम की जिंदगी जीने वाला और करोड़ों का मालिक सुशील मूंछ अब जेल की एक कोठरी में कैद है। कोठरी इतनी छोटी है कि उसमें मुश्किल से पैर सीधे होते हैं। साथ में दरी, चादर और दो कंबल हैं। जिन्हें वह बिछाता-ओढ़ता है।
कुख्यात सुशील मूंछ के आने के बाद से जेल की चौकसी और बढ़ा दी गई है। जेल के पहरेदारों को सतर्क किया गया है । जरायम की दुनिया में रहते हुए सुशील मूंछ ने कोठियों और लग्जरी होटलों में जिंदगी गुजारी हो, लेकिन जेल में उसे आम कैदियों की तरह ही रहना पड़ रहा है। विशेष जोन में उसे 6-10 फीट की एक कोठरी मिली है। जिसमें उसे तन्हा रखा गया है। शौचालय भी इसके अंदर ही है। साथ में दरी, चादर और दो कंबल भी दिए गए हैं। इन्हीं कपड़ों को वह बिछाता और ओढ़ता है। आधे घंटे के लिए सुबह नहाने के लिए कोठरी खोली जाती है और आधा घंटे शाम को। टीवी और अखबारों से मूंछ को दूर रखा गया है। दोपहर में खाना भंडारे में नहीं मिलता। मूंछ को खाना कोठरी में ही पहुंचाया जाता है। एक सिपाही की ड्यूटी 24 घंटे कोठरी के बाहर रहती है। ड्यूटी में कोई कोताही न हो, इसके लिए हर चार घंटे बाद सिपाहियों की ड्यूटी बदली जा रही है। नियमानुसार एक डिप्टी जेलर भी रोजाना कोठरी का राउंड लेता है। जेलर भी रोजाना सुरक्षा की समीक्षा करते हैं।
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कोई नहीं पहुंचा मिलने
सुशील मूंछ के चाहने वालों की वैसे तो कमी नहीं है, लेकिन जेल में मिलने जाने के लिए कोई हिम्मत नहीं जुटा रहा। जेलर मिजाजी लाल ने बताया कि सुशील मूंछ की मिलाई भी नियमों के मुताबिक होगी। जेल के अति संवेदनशील कैदियों को मिलाई के लिए अलग से व्यवस्था है। मिलने वालों की आईडी भी चेक की जाती है। जेलर ने बताया कि दो दिन में मूंछ के लिए मिलने के लिए कोई नहीं पहुंचा है।
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