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सवर्णों को आरक्षण पर लगाई जाए रोक
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सवर्णों को मिले आरक्षण पर लगाई जाए रोक
मुजफ्फरनगर। सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण का विरोध करते हुए वाल्मीकि क्रांति दल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। दल के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आरक्षण संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है।
वाल्मीकि क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एडीएम प्रशासन को दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि आर्थिक आधार पर किसी को आरक्षण नहीं दिया जा सकता। जातिगत आधार पर आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता, लेकिन सरकार संविधान में बदलाव कर सवर्णों को आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण की पैरवी कर रही है। आठ लाख रुपये वार्षिक आय वाले को गरीब की श्रेणी में रखा गया है। ज्ञापन में सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने पर रोक लगाने, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वालों को कड़ी सजा देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में राजकुमार बेनीवाल, मिक्की बेनीवाल, सुधीर सिलेलान, मनोज पारचा, विकास मचल, अजीत पहलवान, राजू बहौत, शौकत अंसारी, साजिद हसन, डा. नूरहसन सलमानी, उमर खान, रविंद्र बिड़ला, प्रमोद टांक आदि शामिल रहे।
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मुजफ्फरनगर। सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण का विरोध करते हुए वाल्मीकि क्रांति दल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। दल के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आरक्षण संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है।
वाल्मीकि क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एडीएम प्रशासन को दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि आर्थिक आधार पर किसी को आरक्षण नहीं दिया जा सकता। जातिगत आधार पर आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता, लेकिन सरकार संविधान में बदलाव कर सवर्णों को आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण की पैरवी कर रही है। आठ लाख रुपये वार्षिक आय वाले को गरीब की श्रेणी में रखा गया है। ज्ञापन में सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने पर रोक लगाने, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वालों को कड़ी सजा देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में राजकुमार बेनीवाल, मिक्की बेनीवाल, सुधीर सिलेलान, मनोज पारचा, विकास मचल, अजीत पहलवान, राजू बहौत, शौकत अंसारी, साजिद हसन, डा. नूरहसन सलमानी, उमर खान, रविंद्र बिड़ला, प्रमोद टांक आदि शामिल रहे।
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