फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   अभिनेता नसीरुददीन शाह के समर्थन में उलमा, विरोध भी किया

अभिनेता नसीरुददीन शाह के समर्थन में उलमा, विरोध भी किया

Sat, 22 Dec 2018 12:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Dec 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
अभिनेता नसीरुददीन शाह के समर्थन में उलमा, विरोध भी किया
देवबंद (सहारनपुर)। फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान का उलमा ने समर्थन किया है, लेकिन उनके अधूरे बयान पर आपत्ति भी जताई है। उलमा का कहना है कि नसीरुद्दीन को यह भी कहना चाहिए था कि मैं हिंदुस्तान का नागरिक था, हूं, हमेशा रहूंगा और यहीं पर मरूंगा। इसके साथ ही उलमा ने मीडिया और सियासी लोगों से शाह के बयान को बढ़ा चढ़ाकर पेश न करने की अपील की है।
विज्ञापन

मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि इस वक्त मुल्क के अंदर जो हालात चल रहे हैं ऐसे में उनका ऐसा कहना बिल्कुल दुरुस्त है। मुल्क में इस वक्त हालात यह हैं कि हर आदमी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है। क्योंकि जहां देखते हैं भीड़ इकट्ठा हो जाती है और बेगुनाहों का बेदर्दी से कत्ल कर दिया जाता है। भीड़ अब पुलिस और प्रशासन के लोगों को भी निशाना बना रही है। इसलिए जब यह लोग ही महफूज नहीं हैं तो आम आदमी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस कर सकता है। वहीं, ऑल इंडिया दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा का कहना है कि नसीरुद्दीन शाह ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने बुलंदशहर के मामले को सामने रखा। उनके बयान को धार्मिक तौर पर मोड़ने की कोशिश की जा रही है क्योंकि उनका नाम नसीरुद्दीन है। उनके इस बयान को बढ़ा चढ़ाकर पेश करना और यह कहना कि वो पाकिस्तान चले जाएं सरासर गलत है। कारी इस्हाक गोरा ने शाह के अधूरे बयान पर कहा कि नसीरुद्दीन को यह भी कहना चाहिए था कि मैं हिंदुस्तान का नागरिक हूं, था-हमेशा रहूंगा और यहीं मरूंगा। क्योंकि जो सच्चा नागरिक होता है चाहे हिंदू, मुस्लिम सिख हो या ईसाई हो उसके यही खयालात होते हैं। इसलिए नसीरुद्दीन शाह को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि देश के कई हिस्सों में पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या से ज्यादा तरजीह गाय की मौत को दी जा रही है। ऐसे में मुझे अपनी औलादों की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। समाज में काफी जहर घोला जा चुका है। अब इस जिन्न को बोतल में डालना मुश्किल दिख रहा। लोगों को कानून हाथ में लेने की पूरी छूट मिली हुई है।
विज्ञापन


फरहा आकाओं को खुश करने को देती हैं ऐसे बयान: गोरा
देवबंद। दारुल उलूम फतवों की फैक्टरी है और यहां से महिलाओं की जिंदगी को दुश्वार किए जाने वाले फतवे जारी होते हैं। सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता फरहा फैज के इस बयान पर पलटवार करते हुए ऑल इंडिया दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि पहली बात तो यह है कि दारुल उलूम पर अंगुली उठाने वालीं फरहा वर्मा हैं। फरहा फैज उर्फ फरहा वर्मा को यह मालूम नहीं कि जब कोई सवाल करता है तो ही मुफ्ती जवाब देते हैं। जैसे किसी ने पूछा कि क्या फरमाते हैं मुफ्तिायने किराम किसी भी मसले के बारे में। जिसके बाद ही मुफ्ती शरीयत, कुरआन और हदीस की रोशनी में उसका जवाब देते हैं। उन्होंने कहा कि फरहा फैज उर्फ फरहा वर्मा को कुछ मालूम नहीं उनके सभी आरोप बेबुनियाद हैं। वो केवल अपने आकाओं को खुश करने के लिए ऐसे बयान देती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed