{"_id":"5ac5230f4f1c1bd1618b5922","slug":"91522869007-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान की मौत से गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान की मौत से गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान की मौत पर गुस्सा फूटा, हाइवे जाम
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)।
दिल्ली-देहरादून नेशनल हाइवे पर नावला कट के पास बेकाबू ट्रक ने चार भैंसा बुग्गियों में टक्कर मार दी। दुर्घटना में एक किसान की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन किसान घायल हो गए। चारों बुग्गियों के परखचे उड़ गए। किसानों के भैंसें भी जख्मी हो गए। किसान की मौत से नाराज ग्रामीणों ने शव को हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित किसान परिजनों को मुआवजा दिलाने व नावला मोड़ पर अंडरपास बनवाने की मांगों को लेकर हाइवे पर धरना देकर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम और तहसीलदार को भी धरने पर बंधक बनाकर बैठा लिया। एसडीएम के आश्वासन पर करीब डेढ़ घंटे बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव नावला के किसान सद्दाम पुत्र यासीन, शत्रुजीत पुत्र मेहनती, अय्यूब पुत्र कादिर, इकराम उर्फ सन्नू (28) पुत्र नईम उर्फ न्यूम मंगलवार रात भैंसा बुग्गियों में गन्ना लेकर मंसूरपुर शुगर मिल में डालने के लिए गए थे। बुधवार सुबह करीब छह बजे चारों किसान गन्ना डालकर खाली भैंसा बुग्गियों को लेकर लौट रहे थे। नावला कट के पास मुजफ्फरनगर की ओर से पीछे से तेजी से आ रहे ट्रक ने चारों बुग्गियों में टक्कर मार दी। भीषण टक्कर लगने से चारों बुग्गियों के परखचे उड़ गए। किसान इकराम ट्रक के पहिये की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाकी तीनों किसान भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को खतौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। हादसे की खबर लगते ही ग्रामीण एकत्र होकर घटनास्थल पर पहुंचे। गुस्साए ग्रामीणों ने सुबह आठ बजे हाइवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, भूपेंद्र राठी, आंदोलन जन कल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र त्यागी, डॉ. रहमान, अरविंद प्रधान समेत काफी किसान भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से इंकार कर दिया। ग्रामीण व किसान मृतक परिजनों को मुआवजा दिलाए जाने तथा नावला कट पर अंडरपास बनाने की मांग को लेकर हाइवे पर धरना देकर बैठ गए। जाम और धरने की सूचना पर एसडीम अतुल कुमार, सीओ डॉ राजीव कुमार सिंह, तहसीलदार अमित कुमार मौके पर पहुंचे। आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने एसडीएम तथा तहसीलदार को अपने बीच धरने पर बैठा लिया। भाकियू जिलाध्यक्ष ने अधिकारियों के समक्ष मृतक किसान के परिजनों को मुआवजा दिलाने के साथ ही सड़क क्रॉस करने के लिए सर्विस लेन तथा अंडरपास का निर्माण कराया जाए जाने की मांग रखी। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने मोबाइल फोन पर डीएम से भी बातचीत की। एसडीएम ने मांग पूरी करने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर प्रदर्शनकारियों ने सुबह 9.30 बजे जाम खोला। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक फरार हो गया। मृतक के बड़े भाई अकरम ने ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
स्कूली बच्चे और यात्री हुए परेशान
मंसूरपुर। हाइवे पर हुए हादसे के बाद किसानों व ग्रामीणों द्वारा हाइवे पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाने से स्कूली बच्चों, यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानियां उठानी पड़ी। स्कूली बच्चों को बसों से उतरकर अपने घर जाना पड़ा। हाइवे पर काफी लंबा जाम लग गया था। जाम खुलवाने में अधिकारियों को लोगों को समझाने बुझाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)।
दिल्ली-देहरादून नेशनल हाइवे पर नावला कट के पास बेकाबू ट्रक ने चार भैंसा बुग्गियों में टक्कर मार दी। दुर्घटना में एक किसान की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन किसान घायल हो गए। चारों बुग्गियों के परखचे उड़ गए। किसानों के भैंसें भी जख्मी हो गए। किसान की मौत से नाराज ग्रामीणों ने शव को हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित किसान परिजनों को मुआवजा दिलाने व नावला मोड़ पर अंडरपास बनवाने की मांगों को लेकर हाइवे पर धरना देकर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम और तहसीलदार को भी धरने पर बंधक बनाकर बैठा लिया। एसडीएम के आश्वासन पर करीब डेढ़ घंटे बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव नावला के किसान सद्दाम पुत्र यासीन, शत्रुजीत पुत्र मेहनती, अय्यूब पुत्र कादिर, इकराम उर्फ सन्नू (28) पुत्र नईम उर्फ न्यूम मंगलवार रात भैंसा बुग्गियों में गन्ना लेकर मंसूरपुर शुगर मिल में डालने के लिए गए थे। बुधवार सुबह करीब छह बजे चारों किसान गन्ना डालकर खाली भैंसा बुग्गियों को लेकर लौट रहे थे। नावला कट के पास मुजफ्फरनगर की ओर से पीछे से तेजी से आ रहे ट्रक ने चारों बुग्गियों में टक्कर मार दी। भीषण टक्कर लगने से चारों बुग्गियों के परखचे उड़ गए। किसान इकराम ट्रक के पहिये की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाकी तीनों किसान भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को खतौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। हादसे की खबर लगते ही ग्रामीण एकत्र होकर घटनास्थल पर पहुंचे। गुस्साए ग्रामीणों ने सुबह आठ बजे हाइवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, भूपेंद्र राठी, आंदोलन जन कल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र त्यागी, डॉ. रहमान, अरविंद प्रधान समेत काफी किसान भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से इंकार कर दिया। ग्रामीण व किसान मृतक परिजनों को मुआवजा दिलाए जाने तथा नावला कट पर अंडरपास बनाने की मांग को लेकर हाइवे पर धरना देकर बैठ गए। जाम और धरने की सूचना पर एसडीम अतुल कुमार, सीओ डॉ राजीव कुमार सिंह, तहसीलदार अमित कुमार मौके पर पहुंचे। आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने एसडीएम तथा तहसीलदार को अपने बीच धरने पर बैठा लिया। भाकियू जिलाध्यक्ष ने अधिकारियों के समक्ष मृतक किसान के परिजनों को मुआवजा दिलाने के साथ ही सड़क क्रॉस करने के लिए सर्विस लेन तथा अंडरपास का निर्माण कराया जाए जाने की मांग रखी। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने मोबाइल फोन पर डीएम से भी बातचीत की। एसडीएम ने मांग पूरी करने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर प्रदर्शनकारियों ने सुबह 9.30 बजे जाम खोला। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक फरार हो गया। मृतक के बड़े भाई अकरम ने ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
स्कूली बच्चे और यात्री हुए परेशान
मंसूरपुर। हाइवे पर हुए हादसे के बाद किसानों व ग्रामीणों द्वारा हाइवे पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाने से स्कूली बच्चों, यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानियां उठानी पड़ी। स्कूली बच्चों को बसों से उतरकर अपने घर जाना पड़ा। हाइवे पर काफी लंबा जाम लग गया था। जाम खुलवाने में अधिकारियों को लोगों को समझाने बुझाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया।
विज्ञापन