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शहीदों के नाम पर संस्थानों के नाम रखें-फुलसंदे
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:52 AM IST
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शहीदों के नाम पर संस्थानों के नाम रखें : फुलसंदे
मोरना। श्रीकृष्णा प्रणामी आश्रम शुकतीर्थ में आयोजित सत्संग में अमृत वर्षा करते हुए सतपुरुष बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि जो नवयुवक अपने देश के लिए शहीद हो गए, हम उनका ऋण किसी भी तरह से नहीं उतार सकते हैं। सरकार को चाहिए उन शहीदों के नाम पर सरकारी संस्थानों के नाम रखें, जिससे हमारे नवयुवकों को देश पर कुर्बान होने की प्रेरणा मिले।
उन्होंने कहा कि गर्भ में ही कन्याओं की हत्या न कराएं। हमारी बेटियां इस धरती का स्वर्ग हैं। इससे पूर्व नगर में प्रभात फेरी निकाली गई। इस दौरान भजन कीर्तन करते हुए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शुकदेव आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज से धर्म पारायण पर चर्चा कर शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव महाराज की समाधि पर पुष्पाजंलि अर्पित की। कार्यक्रम के समापन पर साधु संतों को भोजन कराकर नकद दान दक्षिणा भी दी गई। महाराज ने कहा कि जब तक सृष्टि है, तब तक दुख मनुष्य का पीछा करता रहेगा, जो दूसरों के आंसू पोंछता है। पृथ्वी पर चलते हुए भी उसकी बांहें स्वर्ग तक फैली हुई है। सतपुरुषों का संग मनुष्य को परम शांति और ईश्वर का मार्ग प्राप्त हो जाता है। जो व्यक्ति अपने मन की तृष्णा में डूबा रहता है। वह क्रोध, बैर की अग्नि में तपता रहता है, उसको जीवन में कभी शांति प्राप्त नहीं होती है। कार्यक्रम के आयोजन में स्वामी योगीनाथ सुखदेव नाथ महाराज, अर्जुन पहलवान, अनुज पहलवान, मनोज हेड साहब, अशोक दीवान जी आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।
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मोरना। श्रीकृष्णा प्रणामी आश्रम शुकतीर्थ में आयोजित सत्संग में अमृत वर्षा करते हुए सतपुरुष बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि जो नवयुवक अपने देश के लिए शहीद हो गए, हम उनका ऋण किसी भी तरह से नहीं उतार सकते हैं। सरकार को चाहिए उन शहीदों के नाम पर सरकारी संस्थानों के नाम रखें, जिससे हमारे नवयुवकों को देश पर कुर्बान होने की प्रेरणा मिले।
उन्होंने कहा कि गर्भ में ही कन्याओं की हत्या न कराएं। हमारी बेटियां इस धरती का स्वर्ग हैं। इससे पूर्व नगर में प्रभात फेरी निकाली गई। इस दौरान भजन कीर्तन करते हुए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शुकदेव आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज से धर्म पारायण पर चर्चा कर शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव महाराज की समाधि पर पुष्पाजंलि अर्पित की। कार्यक्रम के समापन पर साधु संतों को भोजन कराकर नकद दान दक्षिणा भी दी गई। महाराज ने कहा कि जब तक सृष्टि है, तब तक दुख मनुष्य का पीछा करता रहेगा, जो दूसरों के आंसू पोंछता है। पृथ्वी पर चलते हुए भी उसकी बांहें स्वर्ग तक फैली हुई है। सतपुरुषों का संग मनुष्य को परम शांति और ईश्वर का मार्ग प्राप्त हो जाता है। जो व्यक्ति अपने मन की तृष्णा में डूबा रहता है। वह क्रोध, बैर की अग्नि में तपता रहता है, उसको जीवन में कभी शांति प्राप्त नहीं होती है। कार्यक्रम के आयोजन में स्वामी योगीनाथ सुखदेव नाथ महाराज, अर्जुन पहलवान, अनुज पहलवान, मनोज हेड साहब, अशोक दीवान जी आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।
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