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पढाई की विधि ने दिलाई कामयाबी
Updated Sun, 27 May 2018 12:29 AM IST
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- आईएएस बनकर करूंगी देश की सेवा
मुजफ्फरनगर। 12वी की परीक्षा में 500 में से 488 अंक लेकर जिले में दूसरे स्थान पर रही डीएस पब्लिक स्कूल की मेधावी छात्रा विधि गोयल आईएएस बनना चाहती है। विज्ञान वर्ग में टॉपर बनी विधि ने पांच से छह घंटे तक गंभीरता से पढाई की। उन्हें सभी विषयों में 95 से ज्यादा अंक मिले।
अग्रसेन विहार में विधि के घर पर खुशियों का आलम है। बेटी की सफलता से परिजन और सहपाठी प्रफुल्लित हैं। मॉ नीतू गोयल ने बेटी को मिठाई खिलाकर फख्र महसूस किया। दादा सुरेंद्र गोयल और दादी कुसुम ने पोती को उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया। पिता पंकज गोयल सेनेट्री के कारोबारी हैं। विधि गोयल ने बताया कि उन्होंने व्हाटसअप भी खूब चलाया, मगर स्कूल की क्लास में हमेशा टॉपिक पर ध्यान दिया। साथी छात्राओं से भी बात की। पढ़ाई के प्रति बचपन से ही एकाग्रता रखी, जिसकी वजह से हर विषय में उन्हें आशा के अनुरूप अंक मिले। शिक्षकों के स्नेह और उत्साह ने प्रेरित किया। अब उनका मकसद बीएससी करना है। स्नातक के बाद वे सिविल सर्विस की तैयारी करेगी। उन्हें लगता है कि आईएएस के रुप में वे समाज के उत्थान और महिलाओं के विकास में कार्य कर सकती हैं।
दिव्यांगता पर हौसले की उड़ान
मुजफ्फरनगर। खुद के हौसले के दम पर दिव्यांग छात्र अभिषेक चौधरी ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा 86.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। दांये हाथ और दांये पैर में बचपन से दिव्यांगता आने के बावजूद पचेंडा के मूल निवासी अभिषेक ने अपनी उम्मीदों को जज्बा दिये रखा।
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जीसी पब्लिक स्कूल में विज्ञान वर्ग के छात्र अभिषेक की सफलता इसलिए महत्वपूर्ण है, उन्होंने दिव्यांगता के बावजूद शिक्षा में सफल होने की ठानी। घोषित रिजल्ट को देख खुश अभिषेक ने कहा कि बचपन में उन्हें दांया हाथ और पैर में दिव्यांगता का दर्द झेलना पडा। कई बार मन विचलित भी होता था। पिता अनिल कुमार और मॉ बबीता ने हमेशा प्रोत्साहित किया। फिलहाल शहर के शिवपुरी मौहल्ले में रह रहे अभिषेक ने बताया कि प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढाई की। क्लास में शिक्षक जो भी पढाते थे उसे ध्यान से सुनता था। बांये हाथ से लिखने अभ्यास किया और 12वी तक का सफर तय कर लिया। वे उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।
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मुजफ्फरनगर। 12वी की परीक्षा में 500 में से 488 अंक लेकर जिले में दूसरे स्थान पर रही डीएस पब्लिक स्कूल की मेधावी छात्रा विधि गोयल आईएएस बनना चाहती है। विज्ञान वर्ग में टॉपर बनी विधि ने पांच से छह घंटे तक गंभीरता से पढाई की। उन्हें सभी विषयों में 95 से ज्यादा अंक मिले।
अग्रसेन विहार में विधि के घर पर खुशियों का आलम है। बेटी की सफलता से परिजन और सहपाठी प्रफुल्लित हैं। मॉ नीतू गोयल ने बेटी को मिठाई खिलाकर फख्र महसूस किया। दादा सुरेंद्र गोयल और दादी कुसुम ने पोती को उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया। पिता पंकज गोयल सेनेट्री के कारोबारी हैं। विधि गोयल ने बताया कि उन्होंने व्हाटसअप भी खूब चलाया, मगर स्कूल की क्लास में हमेशा टॉपिक पर ध्यान दिया। साथी छात्राओं से भी बात की। पढ़ाई के प्रति बचपन से ही एकाग्रता रखी, जिसकी वजह से हर विषय में उन्हें आशा के अनुरूप अंक मिले। शिक्षकों के स्नेह और उत्साह ने प्रेरित किया। अब उनका मकसद बीएससी करना है। स्नातक के बाद वे सिविल सर्विस की तैयारी करेगी। उन्हें लगता है कि आईएएस के रुप में वे समाज के उत्थान और महिलाओं के विकास में कार्य कर सकती हैं।
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दिव्यांगता पर हौसले की उड़ान
मुजफ्फरनगर। खुद के हौसले के दम पर दिव्यांग छात्र अभिषेक चौधरी ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा 86.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। दांये हाथ और दांये पैर में बचपन से दिव्यांगता आने के बावजूद पचेंडा के मूल निवासी अभिषेक ने अपनी उम्मीदों को जज्बा दिये रखा।
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जीसी पब्लिक स्कूल में विज्ञान वर्ग के छात्र अभिषेक की सफलता इसलिए महत्वपूर्ण है, उन्होंने दिव्यांगता के बावजूद शिक्षा में सफल होने की ठानी। घोषित रिजल्ट को देख खुश अभिषेक ने कहा कि बचपन में उन्हें दांया हाथ और पैर में दिव्यांगता का दर्द झेलना पडा। कई बार मन विचलित भी होता था। पिता अनिल कुमार और मॉ बबीता ने हमेशा प्रोत्साहित किया। फिलहाल शहर के शिवपुरी मौहल्ले में रह रहे अभिषेक ने बताया कि प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढाई की। क्लास में शिक्षक जो भी पढाते थे उसे ध्यान से सुनता था। बांये हाथ से लिखने अभ्यास किया और 12वी तक का सफर तय कर लिया। वे उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।