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मां जानकी जन्मोत्सव व ताड़का वध प्रसंग सुनाया
Updated Sat, 24 Feb 2018 12:24 AM IST
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खतौली। गीता भवन में आयोजित चौथे दिन श्रीराम कथा में कथा व्यास साध्वी दीपिका भारती जी ने मां जानकी के जन्मोत्सव और तडका वध का प्रसंग सुनाया।
साध्वी ने कहा कि राजा जनक और उनकी भार्या सुनैना की भक्ति से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने जानकी के रुप में मिथिला नगरी में जन्म लिया। जानकी को प्राप्त कर संपूर्ण मिथिला नगरी में महोत्सव मनाया और सबने एक दूसरे को बधाइयां दीं। कहा कि कितनी दुर्भाग्य की बात है कि जिस राष्ट्र में कन्या को प्राप्त करके महोत्सव मनाया जाता था आज उसी राष्ट्र में कन्या को जन्म लेने से पूर्व ही मृत्यु के घाट उतार दिया जाता है। कथा व्यास ने गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज द्वारा चलाए जा रहे लिंग समानता प्रकल्प संतुलन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संतुलन के तहत विश्वभर में कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में एक क्रांतिकारी मुहिम चलाई जा रही है। जिसका आधार है ब्रह्मज्ञान। मौके पर ललित अग्रवाल, सुधीर, मनोज, भावेश गुप्ता, प्रवीन, मुकेश, पंकज, कुलदीप शर्मा, दीपक, मनोज, डॉ. वेदप्रकाश अग्रवाल आदि का विशेष सहयोग रहा।
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साध्वी ने कहा कि राजा जनक और उनकी भार्या सुनैना की भक्ति से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने जानकी के रुप में मिथिला नगरी में जन्म लिया। जानकी को प्राप्त कर संपूर्ण मिथिला नगरी में महोत्सव मनाया और सबने एक दूसरे को बधाइयां दीं। कहा कि कितनी दुर्भाग्य की बात है कि जिस राष्ट्र में कन्या को प्राप्त करके महोत्सव मनाया जाता था आज उसी राष्ट्र में कन्या को जन्म लेने से पूर्व ही मृत्यु के घाट उतार दिया जाता है। कथा व्यास ने गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज द्वारा चलाए जा रहे लिंग समानता प्रकल्प संतुलन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संतुलन के तहत विश्वभर में कन्या भ्रूण हत्या के विरोध में एक क्रांतिकारी मुहिम चलाई जा रही है। जिसका आधार है ब्रह्मज्ञान। मौके पर ललित अग्रवाल, सुधीर, मनोज, भावेश गुप्ता, प्रवीन, मुकेश, पंकज, कुलदीप शर्मा, दीपक, मनोज, डॉ. वेदप्रकाश अग्रवाल आदि का विशेष सहयोग रहा।