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अवैध पैथालॉजी लैबों के विरोध उतरी एसोसिएशन
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:28 AM IST
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अवैध पैथोलॉजी लैबों के विरोध में उतरी एसोसिएशन
मुजफ्फरनगर। जिले में चल रही अवैध पैथोलॉजी के विरोध में चिकित्सकों ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ऑफ पैथालॉजिस्ट ने साफ किया है कि अवैध रूप से संचालित लैबों पर सीएमओ कार्रवाई करें। अवैध लैबों पर मानकों को खुला उल्लंघन हो रहा है। एसोसिएशन ने सीएमओ का अवैध लैबों की सूची सौंपी है। इसके अलावा अपनी रेट लिस्ट जारी की है।
बाली जी चौक पर एक रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि लैब पर पैथोलॉजिस्ट, पीजी चिकित्सक, गायनोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर मान्य हैं। जिलेभर में ऐसी लैब संचालित है, जिन पर वैध चिकित्सक नहीं बैठते हैं। अवैध लैबों के संचालकों की चिकित्सकों से सेटिंग होती है, जो सीजनल बुखार या अन्य बीमारी में रिपोर्ट बनाने के मनमाफिक दाम वसूलते हैं। संगठन के अध्यक्ष डॉ प्रदीप शर्मा ने कहा कि जिले में करीब 17 लैब वैध हैं, लेकिन यहां 100 से अधिक चल रही हैं, जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग के मानक भी पूरे नहीं करती हैं। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर आने के बाद इनके खिलाफ मोर्चा खोला है। अवैध लैबों के खिलाफ पैथालॉजिस्ट चिकित्सकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। आरोप लगाया कि एक चिकित्सक कई-कई स्थानों पर सेंटर खोल रखे हैं। यहां से सैंपल के नाम पर खेल होता है। अवैध लैबों की सीएमओ को सूची सौंपी गई है। इस दौरान सचिव डॉ शैफाली, डॉ अशोक कुमार, डॉ वीना, डॉ अनुराधा, डॉ रविंद्र, डॉ अनिल राठी, डॉ अनिल, डॉ निधि, डॉ रेनू, डॉ रिचा, डॉ ठकराल आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। जिले में चल रही अवैध पैथोलॉजी के विरोध में चिकित्सकों ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ऑफ पैथालॉजिस्ट ने साफ किया है कि अवैध रूप से संचालित लैबों पर सीएमओ कार्रवाई करें। अवैध लैबों पर मानकों को खुला उल्लंघन हो रहा है। एसोसिएशन ने सीएमओ का अवैध लैबों की सूची सौंपी है। इसके अलावा अपनी रेट लिस्ट जारी की है।
बाली जी चौक पर एक रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि लैब पर पैथोलॉजिस्ट, पीजी चिकित्सक, गायनोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर मान्य हैं। जिलेभर में ऐसी लैब संचालित है, जिन पर वैध चिकित्सक नहीं बैठते हैं। अवैध लैबों के संचालकों की चिकित्सकों से सेटिंग होती है, जो सीजनल बुखार या अन्य बीमारी में रिपोर्ट बनाने के मनमाफिक दाम वसूलते हैं। संगठन के अध्यक्ष डॉ प्रदीप शर्मा ने कहा कि जिले में करीब 17 लैब वैध हैं, लेकिन यहां 100 से अधिक चल रही हैं, जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग के मानक भी पूरे नहीं करती हैं। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर आने के बाद इनके खिलाफ मोर्चा खोला है। अवैध लैबों के खिलाफ पैथालॉजिस्ट चिकित्सकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। आरोप लगाया कि एक चिकित्सक कई-कई स्थानों पर सेंटर खोल रखे हैं। यहां से सैंपल के नाम पर खेल होता है। अवैध लैबों की सीएमओ को सूची सौंपी गई है। इस दौरान सचिव डॉ शैफाली, डॉ अशोक कुमार, डॉ वीना, डॉ अनुराधा, डॉ रविंद्र, डॉ अनिल राठी, डॉ अनिल, डॉ निधि, डॉ रेनू, डॉ रिचा, डॉ ठकराल आदि मौजूद रहे।
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