{"_id":"59fcbfd94f1c1bee688b9155","slug":"81509736409-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नर:राना में फैली बीमारी, लखनऊ तक पहुंची गूंज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नर:राना में फैली बीमारी, लखनऊ तक पहुंची गूंज
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिखेड़ा।
क्षेत्र में फैक्ट्रियों के बढ़ते प्रदूषण और दूषित पानी की वजह से संक्रामक रोग फैल गए हैं। जिसकी चपेट में आकर ग्रामीण बीमार पड़ रहे हैं। मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंचने पर आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच पड़ताल की है। गंभीर रोगियों का जांच के लिए ब्लड नमूना लिया गया है।
सिखेड़ा के गांव निराना में संक्रामक रोग फैलने से ग्रामीण त्वचा रोग, वायरल बुखार आदि से पीड़ित हैं। रोगियों में महिलाओं और बच्चे शामिल हैं। गांव में करीब में 20 लोगों से अधिक गंभीर रोगियों से पीड़ित हैं। बीते दिनों से गांव में बुखार ने भी पैर पसार लिए हैं। इससे ग्रामीणों में भय बन गया है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की सुनवाई नहीं की तो संघर्ष समिति के संयोजक प्रवेश पाल ने सीएम योगी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। वहां मामले को स्वास्थ्य मंत्रालय भेजा गया।
शुक्रवार को स्वास्थ्य के संयुक्त सचिव जिन्नू रैना के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों की जांच-पड़ताल की है। चिकित्सक रणजीत सिंह समेत तीन चिकित्सकों की टीम ने गांव के करीब 350 लोगों का परीक्षण किया। गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों की जांच के लिए खून का नमूना लिया गया है। स्वास्थ्य परीक्षण कर रोगियों को दवाइयां दी गई। कैंप में सुरेंद्र पाल, विजय पाल, मोहम्मद बाकिर, इकराम, वेदपाल, सुखराम, मुनेश पाल, प्रधान इस्तकार, पूर्व प्रधान सलीम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र में फैक्ट्रियों के बढ़ते प्रदूषण और दूषित पानी की वजह से संक्रामक रोग फैल गए हैं। जिसकी चपेट में आकर ग्रामीण बीमार पड़ रहे हैं। मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंचने पर आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच पड़ताल की है। गंभीर रोगियों का जांच के लिए ब्लड नमूना लिया गया है।
सिखेड़ा के गांव निराना में संक्रामक रोग फैलने से ग्रामीण त्वचा रोग, वायरल बुखार आदि से पीड़ित हैं। रोगियों में महिलाओं और बच्चे शामिल हैं। गांव में करीब में 20 लोगों से अधिक गंभीर रोगियों से पीड़ित हैं। बीते दिनों से गांव में बुखार ने भी पैर पसार लिए हैं। इससे ग्रामीणों में भय बन गया है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की सुनवाई नहीं की तो संघर्ष समिति के संयोजक प्रवेश पाल ने सीएम योगी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। वहां मामले को स्वास्थ्य मंत्रालय भेजा गया।
विज्ञापन
शुक्रवार को स्वास्थ्य के संयुक्त सचिव जिन्नू रैना के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों की जांच-पड़ताल की है। चिकित्सक रणजीत सिंह समेत तीन चिकित्सकों की टीम ने गांव के करीब 350 लोगों का परीक्षण किया। गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों की जांच के लिए खून का नमूना लिया गया है। स्वास्थ्य परीक्षण कर रोगियों को दवाइयां दी गई। कैंप में सुरेंद्र पाल, विजय पाल, मोहम्मद बाकिर, इकराम, वेदपाल, सुखराम, मुनेश पाल, प्रधान इस्तकार, पूर्व प्रधान सलीम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन