फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   81 lakh scam caught in ration kit

ऑडिट टीम ने जिले में राशन किट में 81 लाख का घोटाला पकड़ा

Sat, 15 Jan 2022 12:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jan 2022 12:39 AM IST
विज्ञापन
81 lakh scam caught in ration kit
राशन किट में 81 लाख का घोटाला पकड़ा
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। कोविड-19 की चपेट में आई आम जनता को राशन किट और भोजन पहुंचाने के लिए शासन ने जो पैसा जारी किया अफसरों ने उसमें खेल कर दिया। शासन की ऑडिट टीम ने 81 लाख का घोटाला पकड़ा है। ऑडिट टीम की रिपोर्ट के बाद अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने दोषी अफसरों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
कोरोना महामारी से निपटने के लिए शासन ने आम जनता को राशन किट का वितरण करने के लिए जिला प्रशासन को पैसा जारी किया था। शिकायत के बाद शासन ने राज्य आपदा मोचक निधि के अंतर्गत जारी किए गए इस पैसे की जांच के लिए आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा के निदेशक संतोष अग्रवाल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। संतोष अग्रवाल के नेतृत्व में जिले में आई टीम ने जो जांच की, उसमें प्रशासन का बड़ा खेल सामने आया है।
विज्ञापन

जांच टीम ने शासन को जो रिपोर्ट भेजी है वह चौंकाने वाली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तहसील सदर में 16 लाख 22 हजर किट वितरण पर खर्च दिखाए, जिसकी कोई पुष्टि नहीं हुई। तहसील में 7825 राशन किट का खाद्यान्न क्रय दिखाया। स्टॉक और राशन किट वितरण का कोई रिकार्ड नहीं है। 39, 67, 275 रुपये का अनियमित भुगतान किया गया। इन किट पर 42 हजार 250 का अधिक भुगतान भी दिखाया गया। फूड पैकेट वितरण में 33.75 लाख का अनियमित भुगतान किया गया, इसमें 04.42 लाख के वाउचर भी नहीं मिले हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

खतौली, बुढाना में भी पकड़ा खेल
तहसील खतौली में राशन किट में 10.81 लाख रुपये का अनियमित भुगतान हुआ। यहां बिना किचन के ही 03.31 लाख रुपये भोजन पर खर्च दिखाया। 06. 85 लाख रुपये का कच्चा खाद्यान्न खतौली, बुढ़ाना तहसील में खरीद दिखाया जिसका रिकार्ड नहीं मिला। 08.75 लाख रुपये के फूड पैकेट दिखाए, जिनका कोई रिकार्ड नहीं मिला। राशन किट पर अलग से 07.02 लाख रुपये दिखाए, जिसका रिकार्ड नहीं मिला।
आश्रय स्थलों में पलंग का किराया 3.29 लाख
प्रशासन ने कोरोना के दौरान आश्रय स्थलों में पलंग का किराया 3.29 लाख रुपये दिखाया। ऑडिट टीम को इनके सबूत नहीं मिले।
आयकर, जीएसटी जमा नहीं की
जांच टीम ने पाया कि प्रशासन को वित्तीय वर्ष 2020-21 में आयकर में 01. 41 लाख रुपये जमा करना था, वह भी जमा नहीं किया, इससे वित्तीय अनियमितता की संभावना है। जीएसटी में 01.06 लाख रुपये जमा करना था, वह भी जमा नहीं किया गया।
शासन ने तीन करोड़ किया था जारी
2020-21 में जब कोरोना अपने पीक पर था शासन ने जिले में राज्य आपदा मोचक निधि के अंतर्गत राशन किट, भोजन आदि के लिए तीन करोड़ जारी किया था। शासन का मकसद था कि आपदा की इस स्थिति में कोई भी भूखा न रहे। सभी गरीबों को भोजन या राशन किट मिलनी चाहिए।

मेरे कार्यकाल से पहले का मामला: तिवारी
एडीएम वित्त अजय कुमार तिवारी का कहना है कि यह पूरा प्रकरण उनसे पहले का है। पूरे मामले की फाइल वह निकलवा रहे हैं। शासन ने जो आदेश दिए हैं उनका पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed