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हॉपर कीट व फफूंदी से आम के बागान में नुकसान
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खतौली। बदलते मौसम से आम के बागान में हॉपर कीट तथा फफूंदी रोग से काफी नुकसान है। इस कारण फलों का राजा आम के दाम आम आदमी की पहुंच से दूर हो सकते हैं।
खतौली क्षेत्र में चंदसीना, फुलत, खानजहांपुर, तिगाई, जावन, गालिबपुर, कैलावड़ा, बुआडा खुर्द, बुआडा कलां, ताजपुर, सठेड़ी, समौली, अंबरपुर आदि गांव में काफी मात्रा में आम के बागान है। यहां का आम दशहरी, चौसा, लंगड़ा, गुलाब जामुन की देश विदेश में धूम है। बाग ठेकेदार इरशाद, शमशाद, हाजी सलीम, फिरदौस, अशरफ, गफ्फार, बुंदू, अमीर आदि ने बताया कि इस बार आम के पेड़ पर अच्छा बोर आया था। छोटा आम बनते ही बदलते मौसम की वजह से फफूंदी तथा हॉपर कीट ने इस फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। लगातार कीटनाशक दवाई का प्रयोग करने के बाद भी रोग समाप्त नहीं हुआ। नतीजतन पेड़ पर लगा छोटा आम स्वयं ही टूट कर नीचे गिर गया। इससे फसल को काफी नुकसान पहुंचा। इन दिनों बाग में सूंडी का प्रकोप है। इस वर्ष बहुत कम मात्रा में आम नजर आ रहा है। पूर्व कृषि रक्षा अधिकारी ओमपाल सिंह ने बताया कि हॉपर कीट दो दिन में ही बाग को भारी नुकसान पहुंचा देता है। हॉपर कीट की रोकथाम के लिए थाईमेक्स, अमेड़ा, डोनटपशू व वीवीएमसी कीटनाशक का छिड़काव करने से रोग की रोकथाम हो जाती है। फफूंदी के लिए हैजा कीटनाशक का छिड़काव करने से यह रोग भी समाप्त हो जाता है। बाग ठेकेदारों को शुरुआती दिनों में आम की फसल की काफी देखभाल करनी चाहिए। इससे उन्हें काफी लाभ होगा।
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खतौली क्षेत्र में चंदसीना, फुलत, खानजहांपुर, तिगाई, जावन, गालिबपुर, कैलावड़ा, बुआडा खुर्द, बुआडा कलां, ताजपुर, सठेड़ी, समौली, अंबरपुर आदि गांव में काफी मात्रा में आम के बागान है। यहां का आम दशहरी, चौसा, लंगड़ा, गुलाब जामुन की देश विदेश में धूम है। बाग ठेकेदार इरशाद, शमशाद, हाजी सलीम, फिरदौस, अशरफ, गफ्फार, बुंदू, अमीर आदि ने बताया कि इस बार आम के पेड़ पर अच्छा बोर आया था। छोटा आम बनते ही बदलते मौसम की वजह से फफूंदी तथा हॉपर कीट ने इस फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। लगातार कीटनाशक दवाई का प्रयोग करने के बाद भी रोग समाप्त नहीं हुआ। नतीजतन पेड़ पर लगा छोटा आम स्वयं ही टूट कर नीचे गिर गया। इससे फसल को काफी नुकसान पहुंचा। इन दिनों बाग में सूंडी का प्रकोप है। इस वर्ष बहुत कम मात्रा में आम नजर आ रहा है। पूर्व कृषि रक्षा अधिकारी ओमपाल सिंह ने बताया कि हॉपर कीट दो दिन में ही बाग को भारी नुकसान पहुंचा देता है। हॉपर कीट की रोकथाम के लिए थाईमेक्स, अमेड़ा, डोनटपशू व वीवीएमसी कीटनाशक का छिड़काव करने से रोग की रोकथाम हो जाती है। फफूंदी के लिए हैजा कीटनाशक का छिड़काव करने से यह रोग भी समाप्त हो जाता है। बाग ठेकेदारों को शुरुआती दिनों में आम की फसल की काफी देखभाल करनी चाहिए। इससे उन्हें काफी लाभ होगा।