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60 इंडस्ट्रियों की जांच के लिए सात टीमें लगी

Tue, 13 Mar 2018 11:24 PM IST
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:24 PM IST
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60 इंडस्ट्रियों की जांच  के लिए सात टीमें लगी
मुजफ्फरनगर।
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हिंडन को निर्मल बनाने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी जुट गया है। हालांकि बोर्ड ने हिंडन को प्रदूषण मुक्त बनाने से पहले सहायक नदियों का भी हाल जानने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर काली ईस्ट-वेस्ट, हिंडन और शामली की कृष्णा नदी में दूषित जल छोड़ने वाली करीब 60 इंडस्ट्रियों की जांच-पड़ताल शुरू हो गई है। इसके लिए सीपीसीबी, यूपीसीपीसीबी और एनजीटी की संयुक्त टीम जांच कर रही हैं। जिले में इस काम के लिए सात टीमों को कार्य सौंपा गया है।

जनपद में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाईयां संचालित हैं। इनमें करीब 60 इंडस्ट्रियां काली नदी में दूषित जल छोड़ती हैं। यह दूषित जल काली नदी के जरिये हिंडन में मिलता है। इसके अलावा शामली की कृष्णा नदी का भी हाल ऐसा ही है। उसका पानी भी हिंडन, काली में मिलता है। हिंडन नदी को निर्मल बनाने के लिए पुरजोर पहल शुरू हो गई है। नदियों के कारण प्रभावित हो रहे भूगर्भ जल और भूगर्भ के कारण सैकड़ों गांव प्रभावित हो गए हैं, जबकि किसानों की फसलों पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है। इसकी बढ़ती शिकायतों और नदियों को स्वच्छ करने के लिए काम किया जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी के साथ मिलकर संयुक्त रूप से काम किया जा रहा है। जिले में 60 इंडस्ट्रियां ऐसी चिह्नित की गई हैं, जिनका दूषित जल काली नदी में डाला जाता है। जबकि शामली में भी कृष्णा नदी दूषित होने के कारण अपना वजूद खो रही है। दोनों नदियों का पानी जिले से बाहर निकलते ही हिंडन में मिलता है। सर्वे का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों, आबादी और नदियों का बचाना है। जिले के लिए सात टीम लगाई गई हैं, जिनमें शामली अलग से रखा गया है। यह टीम मिलकर इंडस्ट्रियों की जांच करेगी, जिसमें देखा जाएगा कि औद्योगिक इकाईयां दूषित जल को किस स्तर पर री-साइकिलिंग कर बाहर छोड़ रही हैं। ईटीपी प्लांट कितनी क्षमता और कार्य का लगा है। औद्योगिक इकाईयों के नल, पंप से पानी का सैंपल लेने के साथ उसके 500 मीटर दायरे में आने वाले नलों से पानी का नमूना भरा जाएगा। भूगर्भ की भी जांच होगी। मिट्टी में कितनी उर्वरकता बाकी है। इसका सर्वे का शुरू किया गया है। स्थानीय बोर्ड के अवर अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि संयुक्त रूप से जांच-पड़ताल की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट तैयार होने के बाद एनजीटी को दी जाएगी। जनपद और शामली में लगभग सात टीमें कार्य कर रही हैं।
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