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गहरा, सुन दाग-धब्बा कुष्ठ की पहचान

Tue, 30 Jan 2018 12:29 AM IST
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:29 AM IST
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गहरा, सुन दाग-धब्बा कुष्ठ की पहचान
जिले में स्वास्थ्य विभाग की नजर में 57 कुष्ठ रोगी
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मुजफ्फरनगर। आपके शरीर पर गहरा सुन दाग-धब्बा उभर आया है तो सचेत रहें। यह घातक कुष्ठ रोग के लक्षण हो सकते हैं। कुष्ठ रोग का वायरस भी एक मरीज से दूसरे इंसान में पहुंचता है। माइक्रोबेक्टेरियम लेप्री का यह कीटाणु जिले में 57 लोगों को जकड़ चुका है, जिनमें महिलाओं के साथ बच्चे भी शामिल हैं। इनसे बचाव के लिए एडीटी (मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट) की खुराक खिलाई जाती है।
टीबी रोगी की तरह ही घातक कुष्ठ रोग भी जानलेवा है। पर्यावरण में घूम रहे कुष्ठ रोग के वायरस (माइक्रोबेक्टेरियम लेप्री) की जद आने पर त्वचा, हाथ-पैर के साथ चेहरे का भी रंग-रूप बदल जाता है। इस वायरस की खासियत यह है कि शरीर पर यह दो से पांच साल बाद असर करता है, जिसके चलते शरीर पर गहरे सुनपन में दाग-धब्बे बन जाते हैं। साथ ही कोहनी और घुटनों की नसें मोटी हो जाती हैं। खतरा यह है कि यह बीमारी भी एक मरीज से दूसरे में तेजी से बढ़ती है। स्वास्थ्य विभाग की जांच-पड़ताल में जिलेभर में इस घातक बीमारी की जद में 57 लोग दर्ज किए गए हैं। जिनमें चार किशोरावस्था के बालक हैं, जबकि 16 महिलाएं शामिल हैं। इनका जिले के कुष्ठ रोग विभाग में उपचार किया जा रहा है। उधर, स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि कुष्ठ एक संक्रमण बीमारी है, जो नाइन बैंडेड आर्माडिलो नामक जीव के काटने और लार्वा छोडऩे के कारण फैलती है।
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पीबी के 23 और एमबी के 34 मरीज
मुजफ्फरनगर। कुष्ठ रोगियों में भी दो तरह से मरीज पाए जाते हैं। एक जिनमें बीमारी के पांच तत्व मिले, वह पोसी बैसेलरी (पीबी) और दूसरा मल्टी बैसेलरी (एमबी) होते हैं। पीबी के मरीज का उपचार छह तक होता है, जबकि एमबी रोगियों का इलाज एक साल तक किया जाता है। दोनों रोगियों को एमडीटी के जरिए उपचार मिलता है।
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आज से चलेगा जागरूकता अभियान
मुजफ्फरनगर। कुष्ठ रोग से बचाव के लिए बुधवार से जागरूकता अभियान चलेगा। स्वास्थ्य विभाग शहर, कस्बों के साथ गांव-गांव में 13 फरवरी तक अभियान चलाएगा, जिसमें स्पर्श कुष्ठ जागरूकता फैलाई जाएगी, जिसमें ग्राम प्रधानों और आशाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।
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बोले अधिकारी...
कुष्ठ रोग एक घातक बीमारी है। यह बीमारी पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने हो सकती है। जिले में करीब 70 से अधिक लोग इसकी चपेट में आए हैं। इनका उपचार किया जा रहा है, जिन्हें दवा के साथ बचाव के उपाए बताए जाते हैं।

-डॉ सुषमा यादव, डीएलओ, मुजफ्फरनगर।
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कुष्ठ रोग से बचाव के लिए जनजागरूकता चलाई जाएगी। इसके लिए बुधवार एक पखवाड़ा शुरू होगा। जिसमें गांव-गांव लोगों को इस बीमारी से बचाव, लक्षणों आदि की जानकारी दी जाएगी। जनपद में इस बीमारी से पीड़ितों की संख्या काफी कम है।
-डॉ पीएस मिश्रा, सीएमओ मुजफ्फरनगर।
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