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बेटियों के प्रति सोच में परिवर्तन लाए समाज
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:53 AM IST
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मुजफ्फरनगर। एसडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर युवा चेतना गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि बेटियों के प्रति सर्वसमाज की सोच में परिवर्तन लाना जरूरी है। तभी बेटियों का विकास संभव हो सकेगा। अभिभावकों को भी बेटियों की शिक्षा-दीक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि वह खुली सोच के साथ आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी ट्रैफिक बीबी चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति सोच में परिवर्तन लाने के लिए अभियान की जरूरत इसलिए पड़ रही है, क्योंकि आधी आबादी कहीं न कहीं पीड़ित हो रही है। बेटियों का आर्थिक स्वालंबन जरूरी है। कॉलेज के अधिशासी निदेशक प्रोफेसर डॉ. एसएन चौहान ने कहा कि समाज के चहुमुंखी विकास के लिए बेटियों का भी विकास होना चाहिए। बेटियों के प्रति समाज को सकारात्मक सोच रखनी होगी। हम सभी मिलकर भयमुक्त और आदर्श समाज की रचना करनी होगी। वरिष्ठ समाजसेवी राकेश कौशिक ने कहा कि बेटी बढ़ाओ की आवश्यकता आधुनिक भारत की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है। बेटियों को बेटों के समान अधिकार और व्यवहार करने पर बल दिया। साहित्यकार डॉ. लोकेश वत्स ने कहा कि बेटियां आज के दौर में घर, परिवार का नाम रोशन कर रही हैं।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ए कीर्तिवर्धन ने अपनी पुरस्कृत कविता मैं भारत की बेटी हूं, के माध्यम से बेटियों अलख जगाने का आह्वान किया। प्राचार्य डॉ. एके गौतम ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान हुई प्रतियोगिता में होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल, नवाब अजमत अली खां इंटर कॉलेज की छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में पारुल गुप्ता, प्रगति शर्मा, श्वेता अरोरा, पूजा संगल, संगीता अग्रवाल, अलका अग्रवाल, अर्पिता, प्रियांशी, यशिका, स्नेह, राशि आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी ट्रैफिक बीबी चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बेटियों के प्रति सोच में परिवर्तन लाने के लिए अभियान की जरूरत इसलिए पड़ रही है, क्योंकि आधी आबादी कहीं न कहीं पीड़ित हो रही है। बेटियों का आर्थिक स्वालंबन जरूरी है। कॉलेज के अधिशासी निदेशक प्रोफेसर डॉ. एसएन चौहान ने कहा कि समाज के चहुमुंखी विकास के लिए बेटियों का भी विकास होना चाहिए। बेटियों के प्रति समाज को सकारात्मक सोच रखनी होगी। हम सभी मिलकर भयमुक्त और आदर्श समाज की रचना करनी होगी। वरिष्ठ समाजसेवी राकेश कौशिक ने कहा कि बेटी बढ़ाओ की आवश्यकता आधुनिक भारत की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है। बेटियों को बेटों के समान अधिकार और व्यवहार करने पर बल दिया। साहित्यकार डॉ. लोकेश वत्स ने कहा कि बेटियां आज के दौर में घर, परिवार का नाम रोशन कर रही हैं।
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कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ए कीर्तिवर्धन ने अपनी पुरस्कृत कविता मैं भारत की बेटी हूं, के माध्यम से बेटियों अलख जगाने का आह्वान किया। प्राचार्य डॉ. एके गौतम ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान हुई प्रतियोगिता में होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल, नवाब अजमत अली खां इंटर कॉलेज की छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में पारुल गुप्ता, प्रगति शर्मा, श्वेता अरोरा, पूजा संगल, संगीता अग्रवाल, अलका अग्रवाल, अर्पिता, प्रियांशी, यशिका, स्नेह, राशि आदि मौजूद रहे।
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