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बिना रेल टिकट के नहीं मिला उपचार
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:16 AM IST
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मुआवजे की घोषणा के बाद घायल बढ़े
मुजफ्फरनगर। खतौली में हुए ट्रेन हादसे में घायलों की संख्या लगातार बढ़ी है। इस संख्या में इजाफा सरकार की आर्थिक मदद करने की घोषणा के बाद ज्यादा हुआ। जिस कारण सरकारी अस्पतालों में उपचार करने वाले जुटे रहे, मगर डॉक्टरों ने बिना रेलवे टिकट के उपचार करने से इंकार कर दिया। जिला अस्पताल में इसको लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने डॉक्टरों से झड़पें भी हुई।
खतौली के कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे में शनिवार को गंभीर घायलों को मुजफ्फरनगर और मेरठ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। गंभीर घायलों की संख्या शनिवार देर तक 104 बताई जा रही थी। जो रविवार सुबह के बाद लगातार बढ़ती गई। देर शाम तक यह आंकड़ा 178 पर पहुंच गया। क्योंकि यूपी सरकार ने घायलों को 50 हजार और केंद्र सरकार ने मामूली घायलों को 25 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा कर दी थी। इसकी जानकारी होने पर मामूली घायल भी अस्पताल में उपचार करा कर भर्ती होने लगे। मगर डॉक्टरों ने उन्हीं घायलों को उपचार कर ट्रेन हादसे की घायलों की सूची में शामिल किया, जिसके पास रेल का टिकट था। काफी मामूली घायलों के पास रेल का यात्रा टिकट नहीं मिला, तो डॉक्टरों ने उपचार करने से इंकार कर दिया। उधर, मुआवजे के लालच में कुछ लोगों ने अस्पताल पहुंच कर खुद को ट्रेन यात्री बता कर उपचार कराने का प्रयास किया। खतौली सीएचसी में ऐसे करीब 14 लोग पहुंचे, मगर बिना टिकट के उनका उपचार नहीं किया गया। इधर, जिला चिकित्सालय में भी ऐसे मरीज उपचार के लिए भटकते रहे, जो ट्रेन में सवार थे और मामूली घायल हुए, मगर उनका टिकट गुम हो गया था। अस्पताल में मरीजों की सेवा करने और रक्तदान करने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने इसका विरोध किया। इसके लेकर उनकी डॉक्टरों से भी नोंकझोंक हुई। हालांकि सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा का कहना है कि अस्पताल में जो भी घायल पहुंचा उसको उपचार दिया गया है।
मृतकों को 25 लाख मुआवजे की मांग की
मुजफ्फरनगर। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव सैनी ताराचंद शास्त्री भी खतौली में घटनास्थल पर पहुंचे। यहां के हालात को देखा। घायलों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस संबंध में रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को फोन पर अवगत कराया। शास्त्री ने हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए इसका जिम्मेदार रेलवे प्रशासन को ठहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र और सूबे की सरकार ने मृतकों और घायलों को कम मुआवजे देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी मिलनी चाहिए। इस दौरान उनके साथ पवन सैनी, महेंद्र प्रधान तालड़ा, हरिओम सैनी, जयवीर मास्टर घासीपुरा, भोपाल सैनी, अजब सिंह सैनी आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। खतौली में हुए ट्रेन हादसे में घायलों की संख्या लगातार बढ़ी है। इस संख्या में इजाफा सरकार की आर्थिक मदद करने की घोषणा के बाद ज्यादा हुआ। जिस कारण सरकारी अस्पतालों में उपचार करने वाले जुटे रहे, मगर डॉक्टरों ने बिना रेलवे टिकट के उपचार करने से इंकार कर दिया। जिला अस्पताल में इसको लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने डॉक्टरों से झड़पें भी हुई।
खतौली के कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे में शनिवार को गंभीर घायलों को मुजफ्फरनगर और मेरठ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। गंभीर घायलों की संख्या शनिवार देर तक 104 बताई जा रही थी। जो रविवार सुबह के बाद लगातार बढ़ती गई। देर शाम तक यह आंकड़ा 178 पर पहुंच गया। क्योंकि यूपी सरकार ने घायलों को 50 हजार और केंद्र सरकार ने मामूली घायलों को 25 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा कर दी थी। इसकी जानकारी होने पर मामूली घायल भी अस्पताल में उपचार करा कर भर्ती होने लगे। मगर डॉक्टरों ने उन्हीं घायलों को उपचार कर ट्रेन हादसे की घायलों की सूची में शामिल किया, जिसके पास रेल का टिकट था। काफी मामूली घायलों के पास रेल का यात्रा टिकट नहीं मिला, तो डॉक्टरों ने उपचार करने से इंकार कर दिया। उधर, मुआवजे के लालच में कुछ लोगों ने अस्पताल पहुंच कर खुद को ट्रेन यात्री बता कर उपचार कराने का प्रयास किया। खतौली सीएचसी में ऐसे करीब 14 लोग पहुंचे, मगर बिना टिकट के उनका उपचार नहीं किया गया। इधर, जिला चिकित्सालय में भी ऐसे मरीज उपचार के लिए भटकते रहे, जो ट्रेन में सवार थे और मामूली घायल हुए, मगर उनका टिकट गुम हो गया था। अस्पताल में मरीजों की सेवा करने और रक्तदान करने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने इसका विरोध किया। इसके लेकर उनकी डॉक्टरों से भी नोंकझोंक हुई। हालांकि सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा का कहना है कि अस्पताल में जो भी घायल पहुंचा उसको उपचार दिया गया है।
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मृतकों को 25 लाख मुआवजे की मांग की
मुजफ्फरनगर। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव सैनी ताराचंद शास्त्री भी खतौली में घटनास्थल पर पहुंचे। यहां के हालात को देखा। घायलों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस संबंध में रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को फोन पर अवगत कराया। शास्त्री ने हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए इसका जिम्मेदार रेलवे प्रशासन को ठहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र और सूबे की सरकार ने मृतकों और घायलों को कम मुआवजे देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी मिलनी चाहिए। इस दौरान उनके साथ पवन सैनी, महेंद्र प्रधान तालड़ा, हरिओम सैनी, जयवीर मास्टर घासीपुरा, भोपाल सैनी, अजब सिंह सैनी आदि मौजूद रहे।
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