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63 छात्राओं को मिले 25-25 हजार रुपये
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63 छात्राओं को मिले 25-25 हजार रुपये
मुजफ्फरनगर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मुबारिक तिगाई में वार्डन द्वारा छात्राओं के कपड़े उतरवाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश पर शासन ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत 63 छात्राओं को प्रर्तिपूर्ति के रूप में 25-25 हजार रुपये दिए हैं। पांच छात्राओं को यह धनराशि देने की प्रक्रिया अभी चल रही है, जबकि दो छात्राओं बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी तलाश नहीं सके हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने करीब पांच माह पहले सभी 70 छात्राओं को 25-25 हजार रुपये देने के आदेश दिए थे।
खतौली ब्लॉक क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मुबारिक तिगाई में 25 मार्च 2017 को तत्कालीन वार्डन सुरेखा ने बाथरूम में खून के धब्बे मिलने पर कुछ छात्राओं को कपड़े उतारने पर मजबूर किया था। मामले के तूल पकड़ने पर डीएम ने तत्कालीन एसडीएम सदर रेणू सिंह से मजिस्ट्रीय जांच कराई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर वार्डन सुरेखा समेत 11 कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी गई थी। साथ ही वार्डन के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
-राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश पर छात्राओं के खाते में 25-25 हजार रुपये भेजने की प्रक्रिया चल रही है। अभी तक 63 छात्राओं के खाते में धनराशि भेजी गई है। पांच छात्राओं को धनराशि देने की कार्यवाही जारी है, जबकि 70 छात्राओं में से दो छात्राओं को तलाश नहीं किया जा सका है।
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- मायाराम, बीएसए
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मुजफ्फरनगर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मुबारिक तिगाई में वार्डन द्वारा छात्राओं के कपड़े उतरवाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश पर शासन ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत 63 छात्राओं को प्रर्तिपूर्ति के रूप में 25-25 हजार रुपये दिए हैं। पांच छात्राओं को यह धनराशि देने की प्रक्रिया अभी चल रही है, जबकि दो छात्राओं बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी तलाश नहीं सके हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने करीब पांच माह पहले सभी 70 छात्राओं को 25-25 हजार रुपये देने के आदेश दिए थे।
खतौली ब्लॉक क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय मुबारिक तिगाई में 25 मार्च 2017 को तत्कालीन वार्डन सुरेखा ने बाथरूम में खून के धब्बे मिलने पर कुछ छात्राओं को कपड़े उतारने पर मजबूर किया था। मामले के तूल पकड़ने पर डीएम ने तत्कालीन एसडीएम सदर रेणू सिंह से मजिस्ट्रीय जांच कराई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर वार्डन सुरेखा समेत 11 कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी गई थी। साथ ही वार्डन के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
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-राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश पर छात्राओं के खाते में 25-25 हजार रुपये भेजने की प्रक्रिया चल रही है। अभी तक 63 छात्राओं के खाते में धनराशि भेजी गई है। पांच छात्राओं को धनराशि देने की कार्यवाही जारी है, जबकि 70 छात्राओं में से दो छात्राओं को तलाश नहीं किया जा सका है।
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- मायाराम, बीएसए