{"_id":"5c0abe93bdec2241a3230315","slug":"61544208019-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर की पटरी टूटी, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनर की पटरी टूटी, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माइनर की पटरी टूटी, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
रतनपुरी/खतौली। गांव सठेड़ी माइनर की पटरी फिर से टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने और गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों की गेहूं की खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
एक माह के अंदर चौथी बार देर रात सठेड़ी माइनर की पटरी क्षतिग्रस्त होने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इस बार माइनर की पटरी फुलत अंडरपास के निकट टूटी है। सठेड़ी निवासी किसानों के हाल में ही बोए गए गन्ने के खेतों में पानी भर गया, जिससे गन्ने की बुवाई प्रभावित हुई है। इसके अलावा किसानों की गेहूं की खड़ी फसल ज्यादा पानी भरने के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। विदित हो सठेड़ी माइनर की पटरी 11 मार्च को भी टूट गई थी। इसके बाद 31 मार्च को पटरी फिर से टूटी थी। नतीजतन किसानों को काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद सात अप्रैल को भी इस माइनर की पटरी तीसरी बार टूट गई थी। इस माइनर की पटरी टूटने का यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है। इससे पहले भी कई बार सठेड़ी माइनर की पटरी टूटने के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सिंचाई विभाग द्वारा बार बार पटरी को दुरुस्त करने के बावजूद भी पटरी फिर से टूट जाती है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग अपने कार्य को बखूबी अंजाम नहीं दे पा रहा है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उधर, सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि कुछ किसान खेतों में ज्यादा पानी देने के लिए माइनर में अवरोधक लगा देते हैं। जिससे माइनर ओवरफ्लो हो जाता है। परिणामस्वरूप माइनर की पटरी बार बार क्षतिग्रस्त हो रही है। सोमवार की रात माइनर की पटरी टूटने से सठेड़ी निवासी किसान दुष्यंत चेयरमैन, सुमत प्रसाद, जसवंत सिंह, भूपेंद्र सिंह, पद्म लाला, रतन सिंह, धर्मपाल, अरुण कुमार, अखिल कुमार और तरुण ठाकुर आदि किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
रतनपुरी/खतौली। गांव सठेड़ी माइनर की पटरी फिर से टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने और गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों की गेहूं की खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
एक माह के अंदर चौथी बार देर रात सठेड़ी माइनर की पटरी क्षतिग्रस्त होने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इस बार माइनर की पटरी फुलत अंडरपास के निकट टूटी है। सठेड़ी निवासी किसानों के हाल में ही बोए गए गन्ने के खेतों में पानी भर गया, जिससे गन्ने की बुवाई प्रभावित हुई है। इसके अलावा किसानों की गेहूं की खड़ी फसल ज्यादा पानी भरने के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। विदित हो सठेड़ी माइनर की पटरी 11 मार्च को भी टूट गई थी। इसके बाद 31 मार्च को पटरी फिर से टूटी थी। नतीजतन किसानों को काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद सात अप्रैल को भी इस माइनर की पटरी तीसरी बार टूट गई थी। इस माइनर की पटरी टूटने का यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है। इससे पहले भी कई बार सठेड़ी माइनर की पटरी टूटने के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सिंचाई विभाग द्वारा बार बार पटरी को दुरुस्त करने के बावजूद भी पटरी फिर से टूट जाती है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग अपने कार्य को बखूबी अंजाम नहीं दे पा रहा है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उधर, सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि कुछ किसान खेतों में ज्यादा पानी देने के लिए माइनर में अवरोधक लगा देते हैं। जिससे माइनर ओवरफ्लो हो जाता है। परिणामस्वरूप माइनर की पटरी बार बार क्षतिग्रस्त हो रही है। सोमवार की रात माइनर की पटरी टूटने से सठेड़ी निवासी किसान दुष्यंत चेयरमैन, सुमत प्रसाद, जसवंत सिंह, भूपेंद्र सिंह, पद्म लाला, रतन सिंह, धर्मपाल, अरुण कुमार, अखिल कुमार और तरुण ठाकुर आदि किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
विज्ञापन