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सुग्रीव मित्रता व बाली मरण लीला का मंचन
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:14 AM IST
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पुरकाजी। कस्बे में चल रही रामलीला में रविवार रात वृंदावन से आए महावीर आदर्श रामलीला के कलाकारों द्वारा राम सुग्रीव मित्रता व बाली मरण की लीला का मंचन किया। इससे पूर् सीता की खोज में जंगल में निकले राम और लक्ष्मण को सीता का कोई पता नहीं लगने पर श्रीराम द्वारा किए गए विलाप को देखकर भावुक हुए दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए।
मंचन के पहले दृश्य में दिखाया कि रावण द्वारा सीता का हरण कर ले जाने बाद जब राम, सीता को ढूंढने जंगल में जाते हैं और सीता उन्हें नहीं मिलती तो श्रीराम वृक्षों को पकड़कर विलाप करना शुरू कर देते हैं। लक्ष्मण उन्हें ढांढस बंधाते हैं, मगर श्रीराम लगातार विलाप करते रहते हैं। जिसे देखकर दर्शक भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उसके अगले दृश्य में दिखाया कि श्रीराम की सुग्रीव से मित्रता हो जाती है और सुग्रीव श्रीराम को आपबीती सुनाता है। जिस पर श्रीराम उसके कहने पर उसके बडे भाई बाली का वध कर देते हैं। मंचन के दौरान रामलीला कमेटी के लोगों का व्यवस्था बनाने में सहयोग रहा।
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मंचन के पहले दृश्य में दिखाया कि रावण द्वारा सीता का हरण कर ले जाने बाद जब राम, सीता को ढूंढने जंगल में जाते हैं और सीता उन्हें नहीं मिलती तो श्रीराम वृक्षों को पकड़कर विलाप करना शुरू कर देते हैं। लक्ष्मण उन्हें ढांढस बंधाते हैं, मगर श्रीराम लगातार विलाप करते रहते हैं। जिसे देखकर दर्शक भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उसके अगले दृश्य में दिखाया कि श्रीराम की सुग्रीव से मित्रता हो जाती है और सुग्रीव श्रीराम को आपबीती सुनाता है। जिस पर श्रीराम उसके कहने पर उसके बडे भाई बाली का वध कर देते हैं। मंचन के दौरान रामलीला कमेटी के लोगों का व्यवस्था बनाने में सहयोग रहा।
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