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विज्ञान एवं धर्म की हानि से विश्व में सामाजिकता की हानि
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:30 AM IST
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खतौली। सहारनपुर के मानव आश्रम असरपुर के वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि विज्ञान एवं धर्म की हानि से विश्व में सामाजिकता की हानि हुई है। धर्म के मूल को समझकर ही मानव सर्वांगीण विकास कर सकता है।
आर्य समाज शिवपुरी के वेद प्रचार समारोह के प्रथम दिन उन्होंने कहा कि महाराज चिभ और अलूश महर्षि के बीच हुए संवाद हुआ। जिसमें अलूश महर्षि ने महाराज चिभ से पूछा कि यज्ञ किसमें प्रतिष्ठित है। उत्तर मिला वेद में, वेद किसमें प्रतिष्ठ है, वाणी में। वाणी मन में, मन अन्न में प्रतिष्ठित है। मनुष्य परिवार का और संसार का निर्माण अन्न आहार पर निर्भर करता है। अन्न जल में प्रतिष्ठित है, जल तेज उष्णता में और तेज आकाश में, आकाश ब्रह्म में प्रतिष्ठित है। ब्रह्म तो ब्रह्म में ही प्रतिष्ठित है। इससे पूर्व पंडित रामनिवास आर्य पानीपत, सुकीर्ति आर्य ने वेद ज्ञान द्वारा मानव जीवन को सुखमय बनाने के सिद्धांत बताए तथा यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में हरीशचंद आर्य, अजेश आर्य, रणसिंह आर्य, रामशरण आर्य, सुनील आर्य, ऋषिपाल आर्य, शोभाराम आर्य, मास्टर जयपाल सिंह, ठाकुर जगदीश सिंह, रतन सिंह, जावित्री देवी, मास्टर धनसिंह, रकम सिंह आदि शामिल रहे। इससे पूर्व सुरेश आर्य बुआड़ा के आवास पर यज्ञ हुआ। पंडित रामदेव शस्त्री पुरोहित और सुरेश आर्य सपत्नीक यज्ञमान रहे। संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया। रविवार को कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धीरज सिंह व प्रदेश कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शामिल होंगे।
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आर्य समाज शिवपुरी के वेद प्रचार समारोह के प्रथम दिन उन्होंने कहा कि महाराज चिभ और अलूश महर्षि के बीच हुए संवाद हुआ। जिसमें अलूश महर्षि ने महाराज चिभ से पूछा कि यज्ञ किसमें प्रतिष्ठित है। उत्तर मिला वेद में, वेद किसमें प्रतिष्ठ है, वाणी में। वाणी मन में, मन अन्न में प्रतिष्ठित है। मनुष्य परिवार का और संसार का निर्माण अन्न आहार पर निर्भर करता है। अन्न जल में प्रतिष्ठित है, जल तेज उष्णता में और तेज आकाश में, आकाश ब्रह्म में प्रतिष्ठित है। ब्रह्म तो ब्रह्म में ही प्रतिष्ठित है। इससे पूर्व पंडित रामनिवास आर्य पानीपत, सुकीर्ति आर्य ने वेद ज्ञान द्वारा मानव जीवन को सुखमय बनाने के सिद्धांत बताए तथा यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम में हरीशचंद आर्य, अजेश आर्य, रणसिंह आर्य, रामशरण आर्य, सुनील आर्य, ऋषिपाल आर्य, शोभाराम आर्य, मास्टर जयपाल सिंह, ठाकुर जगदीश सिंह, रतन सिंह, जावित्री देवी, मास्टर धनसिंह, रकम सिंह आदि शामिल रहे। इससे पूर्व सुरेश आर्य बुआड़ा के आवास पर यज्ञ हुआ। पंडित रामदेव शस्त्री पुरोहित और सुरेश आर्य सपत्नीक यज्ञमान रहे। संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया। रविवार को कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धीरज सिंह व प्रदेश कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शामिल होंगे।
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