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हिंसा के झूठे मुकदमे वापस लिए जाए
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:48 AM IST
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खतौली। गांव खेड़ी राघडांन में संत रविदास मंदिर में दलित जन विकास मंच की बैठक हुई। जिसमें वक्ताओं ने दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधन के विरोध में दलितों द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान आगजनी, लूटपाट व तोड़फोड़ की घटनाओं पर खेद जताया।
साथ ही हिंसा में गोली लगने से मरने वाले गांव गादला निवासी अमरेश की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया। वक्ताओं का कहना था कि हिंसा की घटना में पुलिस प्रशासन की ओर से दलित समाज के लोगों के विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उनमें से कुछ निर्देश दलित भी हैं। दलितों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए। दलितों ने सर्वसम्मति से तय किया कि इस संबंध में 17 अप्रैल को तहसील में शांतिपूर्ण तरीके से एसडीएम को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक होने की जानकारी गांव मुबारिकपुर तिंगाई निवासी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरभान कटारिया ने दी।
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साथ ही हिंसा में गोली लगने से मरने वाले गांव गादला निवासी अमरेश की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया। वक्ताओं का कहना था कि हिंसा की घटना में पुलिस प्रशासन की ओर से दलित समाज के लोगों के विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उनमें से कुछ निर्देश दलित भी हैं। दलितों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए। दलितों ने सर्वसम्मति से तय किया कि इस संबंध में 17 अप्रैल को तहसील में शांतिपूर्ण तरीके से एसडीएम को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक होने की जानकारी गांव मुबारिकपुर तिंगाई निवासी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरभान कटारिया ने दी।
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