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मूल्यों को समर्पित रहा महावीर स्वामी का दर्शन
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मूल्यों को समर्पित रहा महावीर स्वामी का दर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज नई मंडी में महावीर स्वामी की जयंती उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। मुख्य वक्ता ने कहा कि महावीर स्वामी का जीवन दर्शन मानवीय मूल्यों को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पिंकी जैन ने महावीर स्वामी के जीवन दर्शन से सभी छात्राओं को अवगत कराया। कहा कि महावीर स्वामी का जन्म 599 ईसा पूर्व कुंडलपुर के राजा सिद्धार्थ एवं माता त्रिशला के यहां हुआ था। जैन परंपराओं के 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर के रूप में भगवान महावीर स्वामी को जाना जाता है। इनके तीन मुख्य सिद्धांत थे अहिंसा, अनेकांत तथा अपरिग्रह। महावीर स्वामी का जीवन दर्शन मानव मूल्यों को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा । प्रधानाचार्या डा. सुनीता गौड़ ने छात्राओं को महावीर स्वामी के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सभी जीवों पर दया, बड़ों का आदर तथा दीन-दुखियों की सहायता करनी चाहिए।
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मुजफ्फरनगर। भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज नई मंडी में महावीर स्वामी की जयंती उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। मुख्य वक्ता ने कहा कि महावीर स्वामी का जीवन दर्शन मानवीय मूल्यों को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पिंकी जैन ने महावीर स्वामी के जीवन दर्शन से सभी छात्राओं को अवगत कराया। कहा कि महावीर स्वामी का जन्म 599 ईसा पूर्व कुंडलपुर के राजा सिद्धार्थ एवं माता त्रिशला के यहां हुआ था। जैन परंपराओं के 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर के रूप में भगवान महावीर स्वामी को जाना जाता है। इनके तीन मुख्य सिद्धांत थे अहिंसा, अनेकांत तथा अपरिग्रह। महावीर स्वामी का जीवन दर्शन मानव मूल्यों को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा । प्रधानाचार्या डा. सुनीता गौड़ ने छात्राओं को महावीर स्वामी के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सभी जीवों पर दया, बड़ों का आदर तथा दीन-दुखियों की सहायता करनी चाहिए।
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