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म्यामांर सरकार के खिलाफ नारेबाजी
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:12 AM IST
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म्यांमार सरकार के खिलाफ नारेबाजी
मुजफ्फरनगर। म्यामांर के रोहिंग्या मुस्लिम समाज पर हो रहे अत्याचार को लेकर एआईएमएम ने कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने म्यांमार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया। इस मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ से इस मामले में हस्तक्षेप कर मुस्लिम समाज की सुरक्षा किए जाने की मांग की है।
ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज के पदाधिकारियों ने म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि म्यांमार में करीब 12 लाख मुसलमान सैकड़ों वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन उनको आज तक भी वहां का नागरिक नहीं माना जाता है। पिछले कई वर्षों से म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमान के खिलाफ हिंसा हो रही है। म्यांमार सरकार और फौज उन पर जुल्म ढहा रही है।
हिंसा के डर से बांग्लादेश की सीमा पर हजारों रोहिंग्या मुस्लिम भूखे प्यासे पड़े हैं। बांग्लादेश उनको शरण नहीं दे रहा है। पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के नाम ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शन में राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहनवाज आफताब, मौलाना जुबैर कासमी, मौलाना गुलजार कासमी, महबूब आलम, फैजयाब खान, आसिम, मुजफ्फर खां, मौलाना मोहम्मद हुसैन, मुनव्वर हुसैन, चौधरी तहसीन, हाजी जमीर आमिर, जियाउर्रहान, अखलाक अहमद, मौलाना इलाउद्दीन, मौलाना वकील, इजहार खान, अरशद खान आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। म्यामांर के रोहिंग्या मुस्लिम समाज पर हो रहे अत्याचार को लेकर एआईएमएम ने कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने म्यांमार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया। इस मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ से इस मामले में हस्तक्षेप कर मुस्लिम समाज की सुरक्षा किए जाने की मांग की है।
ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज के पदाधिकारियों ने म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि म्यांमार में करीब 12 लाख मुसलमान सैकड़ों वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन उनको आज तक भी वहां का नागरिक नहीं माना जाता है। पिछले कई वर्षों से म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमान के खिलाफ हिंसा हो रही है। म्यांमार सरकार और फौज उन पर जुल्म ढहा रही है।
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हिंसा के डर से बांग्लादेश की सीमा पर हजारों रोहिंग्या मुस्लिम भूखे प्यासे पड़े हैं। बांग्लादेश उनको शरण नहीं दे रहा है। पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के नाम ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शन में राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहनवाज आफताब, मौलाना जुबैर कासमी, मौलाना गुलजार कासमी, महबूब आलम, फैजयाब खान, आसिम, मुजफ्फर खां, मौलाना मोहम्मद हुसैन, मुनव्वर हुसैन, चौधरी तहसीन, हाजी जमीर आमिर, जियाउर्रहान, अखलाक अहमद, मौलाना इलाउद्दीन, मौलाना वकील, इजहार खान, अरशद खान आदि मौजूद रहे।
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