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दहल गए मकान और हिल गए दिल
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:12 AM IST
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पटरियों से पत्थर गोलियों की तरह निकले
मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस हादसे से आसपास के घरों में कंपन होने से लोग दहल उठे। दिन ढलते ही लोग अपने घरों में बैठकर खाना-पीना कर रहे थे, तभी तेज आवाज के साथ पत्थर गोलियों की तरह मकानों में आ गिरे। कई लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ मिनटों तक लोग कुछ समझ ही नहीं सके कि क्या हुआ है। बाद में चीखपुकार ने सारा मंजर साफ कर दिया।
खतौली रेलवे स्टेशन से करीब आधा किलोमीटर दूर जाते ही पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि बोगियों के हवा में उछलनेे के साथ ही ओएचई वॉयर के पोल उखाड़ ले गई। स्लीपर से पत्थर आसपास के मकानों में गोलियों की तरह घुसे। चौधरी तिलक राम इंटर कालेज के साथ बराबर में शोभित शर्मा पुत्र नरेंद्र कुमार शर्मा के मकान में पत्थर गिरे। यहां खड़ी उसकी कार का शीशा टूट गया। मां सुनीता देवी और बहन पूजा शर्मा भी सहम गईं। पत्थर बरसने से परिवार में हड़क़ंप मच गया। शोभित शर्मा के बगल वाले मकान में रणवीर सिंह का परिवार रहता है। इस मकान पर भी ट्रेन के पटरी से उतरने के दौरान पत्थर गिरे, जिसमें जितेंद्र की बाइक टीवीएस स्टार सिटी क्षतिग्रस्त हो गई। मकान में मौजूद रुक्मिणी, अंकित, जगेंद्र ने भाग कर जान बचाई। मोहल्ले वासियों ने बताया कि काफी देर तक कोई समझ नहीं पाया क्या माजरा है। हादसा इतना भयावह था कि आसपास के मकान ऐसे हिले जैसे कि भूकंप का झटका लगा हो। इससे पलभर में लोग मकानों को छोड़कर बाहर निकल गए और पटरियों का मंजर देख कांप उठे। हवा में लहराती बोगियों से खून के साथ घायलों में चीख-पुकार सुन कर दिल हिल गए।
मलबा दे रहा हादसे की गवाही
मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस का मलबा हादसे की गवाही दे रहा है। क्रेन से उठवाए गए पांच डिब्बों में तो पहियों के साथ अन्य सामान तक पता भी चल सका। जमीन में दो फीट तक धसे पहियों और ब्रेक, बेयरिंग को देखकर ही हादसे का अंदाजा लगाया जा सकता है। जगत कालोनी की तरह मकानों के साथ सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
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मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस हादसे से आसपास के घरों में कंपन होने से लोग दहल उठे। दिन ढलते ही लोग अपने घरों में बैठकर खाना-पीना कर रहे थे, तभी तेज आवाज के साथ पत्थर गोलियों की तरह मकानों में आ गिरे। कई लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ मिनटों तक लोग कुछ समझ ही नहीं सके कि क्या हुआ है। बाद में चीखपुकार ने सारा मंजर साफ कर दिया।
खतौली रेलवे स्टेशन से करीब आधा किलोमीटर दूर जाते ही पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि बोगियों के हवा में उछलनेे के साथ ही ओएचई वॉयर के पोल उखाड़ ले गई। स्लीपर से पत्थर आसपास के मकानों में गोलियों की तरह घुसे। चौधरी तिलक राम इंटर कालेज के साथ बराबर में शोभित शर्मा पुत्र नरेंद्र कुमार शर्मा के मकान में पत्थर गिरे। यहां खड़ी उसकी कार का शीशा टूट गया। मां सुनीता देवी और बहन पूजा शर्मा भी सहम गईं। पत्थर बरसने से परिवार में हड़क़ंप मच गया। शोभित शर्मा के बगल वाले मकान में रणवीर सिंह का परिवार रहता है। इस मकान पर भी ट्रेन के पटरी से उतरने के दौरान पत्थर गिरे, जिसमें जितेंद्र की बाइक टीवीएस स्टार सिटी क्षतिग्रस्त हो गई। मकान में मौजूद रुक्मिणी, अंकित, जगेंद्र ने भाग कर जान बचाई। मोहल्ले वासियों ने बताया कि काफी देर तक कोई समझ नहीं पाया क्या माजरा है। हादसा इतना भयावह था कि आसपास के मकान ऐसे हिले जैसे कि भूकंप का झटका लगा हो। इससे पलभर में लोग मकानों को छोड़कर बाहर निकल गए और पटरियों का मंजर देख कांप उठे। हवा में लहराती बोगियों से खून के साथ घायलों में चीख-पुकार सुन कर दिल हिल गए।
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मलबा दे रहा हादसे की गवाही
मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस का मलबा हादसे की गवाही दे रहा है। क्रेन से उठवाए गए पांच डिब्बों में तो पहियों के साथ अन्य सामान तक पता भी चल सका। जमीन में दो फीट तक धसे पहियों और ब्रेक, बेयरिंग को देखकर ही हादसे का अंदाजा लगाया जा सकता है। जगत कालोनी की तरह मकानों के साथ सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
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